कैंट के खंडहर बने वाहन चोरों का ठिकाना, चार गिरफ्तार:50 से ज्यादा वाहन चुराकर पार्ट्स में बेचने का दावा, नौ बाइक, एक स्कूटी बरामद

Oct 19, 2026 - 16:08
0
कैंट के खंडहर बने वाहन चोरों का ठिकाना, चार गिरफ्तार:50 से ज्यादा वाहन चुराकर पार्ट्स में बेचने का दावा, नौ बाइक, एक स्कूटी बरामद
मेरठ की सदर बाजार पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य शहर और आसपास के इलाकों से बाइक चोरी करने के बाद उन्हें कैंट क्षेत्र में लंबे समय से खाली पड़े खंडहरनुमा स्थान पर छिपा देते थे। मौका मिलने पर बाइक खोलकर उनके पार्ट्स अलग कर दिए जाते और फिर बाजार में बेच दिए जाते थे। इससे मिलने वाली रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नौ बाइक और एक स्कूटी बरामद की है। पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता के दौरान एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ती ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में विजय सक्सेना गिरोह का मुख्य संचालक है। राहुल कुमार कुछ समय पहले ही गिरोह से जुड़ा था। पुलिस के अनुसार, गिरोह अब तक 50 से अधिक वाहन चोरी कर उनके पार्ट्स बेच चुका है। हालांकि, चोरी के वाहनों के पार्ट्स किन लोगों को बेचे जाते थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। खंडहर में छिपाते, फिर खोलकर बेचते थे पार्ट्स एसएसपी ने बताया कि गिरोह वाहन चोरी करने के बाद उन्हें ऐसी जगह छिपाता था, जहां लंबे समय से आवाजाही कम थी। कैंट क्षेत्र में खंडहरनुमा खाली स्थान इनके लिए ठिकाना बना हुआ था। चोरी के वाहन कुछ समय तक यहां रखे जाते थे। इसके बाद मौका देखकर उन्हें खोल दिया जाता और अलग-अलग पार्ट्स बाजार में बेच दिए जाते थे। चार आरोपियों की गिरफ्तारी, दस वाहन बरामद सदर बाजार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को पकड़ा। उनकी निशानदेही पर नौ बाइक और एक स्कूटी बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल कुमार निवासी ईएमई कॉलोनी कंकरखेड़ा, विजय सक्सेना निवासी बहसूमा, विजय कुमार निवासी जेल चुंगी यूनिवर्सिटी रोड और नितिन कुमार निवासी शिव शक्ति विहार गढ़ रोड, हाल निवासी मोदीनगर के रूप में हुई है। बरामदगी वाली जगह की भी जांच पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि जिस स्थान से चोरी के वाहन बरामद हुए हैं, वह छावनी क्षेत्र के अंतर्गत आता है या सिविल इलाके में। इसके साथ ही गिरोह के संपर्कों, चोरी के वाहनों की संख्या और पार्ट्स खरीदने वालों की पहचान की पड़ताल की जा रही है। एसएसपी का कहना है कि गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है, ताकि चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User