कानपुर में 6 महीने में 3 भाइयों की मौत:बड़े ने फांसी लगाई, 2 छोटे भाइयों की छत से गिरकर जान गई; मां से कहते थे- भाई सपने में बुलाता है
कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र के वाजिदपुर गांव में 6 महीने के भीतर एक परिवार के तीन बेटों की मौत हो गई। बड़े बेटे ने फांसी लगाकर जान दे दी थी, जबकि दो छोटे भाइयों की छत से गिरने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, बड़े भाई की मौत के बाद दोनों छोटे भाई अपनी मां से कहते थे कि भाई सपने में आता है और अपने पास बुलाता है। परिवार ने उन्हें समझाने के साथ इलाज भी कराया और झाड़-फूंक का सहारा भी लिया। रविवार सुबह तीसरे बेटे विकास की हैलट अस्पताल में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पैरालिसिस से पीड़ित पिता के तीनों बेटों की मौत हो चुकी है, जबकि दोनों बहनें भाइयों को याद कर बिलख रही हैं। परिवार की ओर से फिलहाल किसी पर आरोप नहीं लगाया गया है। बड़े बेटे ने होली से पहले फांसी लगाई थी जाजमऊ थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव निवासी रामशंकर पैरालिसिस से पीड़ित हैं। परिवार में उनकी पत्नी छिदाना, बेटे गोविंद निषाद, अमन और विकास के अलावा दो बेटियां दामिनी और गुड़िया हैं। परिजनों के मुताबिक, सबसे बड़े बेटे गोविंद निषाद (30) ने होली से दो दिन पहले फांसी लगाकर जान दे दी थी। गोविंद की मौत से परिवार पहले ही सदमे में था। परिजनों का कहना है कि इसके बाद दोनों छोटे भाई अक्सर अपनी मां से कहते थे कि गोविंद सपने में आता है और उन्हें अपने पास बुलाता है। अमन की छत से गिरने के बाद मौत हुई परिजनों के मुताबिक, गोविंद की मौत के कुछ समय बाद अमन रात में छत पर सो रहा था। इसी दौरान वह छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार के लोग उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां दो दिन तक इलाज चलने के बाद उसकी मौत हो गई। अमन की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया। हालांकि, कुछ समय बाद तीसरे बेटे विकास ने भी अपनी मां से दोनों भाइयों के सपने में आने और अपने पास बुलाने की बात कहनी शुरू कर दी। इलाज कराया, झाड़-फूंक का भी लिया सहारा परिवार का कहना है कि विकास की बातें सुनकर परिजनों ने उसे समझाया और कई डॉक्टरों से उसका इलाज कराया। उसे अलग-अलग जगह भी ले जाया गया और झाड़-फूंक का सहारा भी लिया गया, लेकिन परिवार की परेशानी दूर नहीं हुई। परिजनों के मुताबिक, देर रात विकास भी घर की छत पर सो रहा था। इसी दौरान वह नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे कांशीराम अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। रविवार सुबह इलाज के दौरान विकास (29) की मौत हो गई। 4 साल पहले हुई थी विकास की शादी पिता रामशंकर के मुताबिक, विकास की करीब चार साल पहले शादी हुई थी। परिवार में उसकी पत्नी सरोज और तीन साल का बेटा है। विकास की मौत के बाद पत्नी और मासूम बेटे के सामने भी भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। तीनों भाइयों की मौत से बहनें दामिनी और गुड़िया भी सदमे में हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। बहनों का कहना है कि अब उनके तीनों भाई नहीं रहे, तो उनकी शादी और भविष्य की जिम्मेदारी कौन उठाएगा। वहीं, पैरालिसिस से पीड़ित पिता के सामने बुढ़ापे में सहारा देने वाला कोई बेटा नहीं बचा। छह महीने के भीतर तीन बेटों को खोने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा विकास की मौत की सूचना पर जाजमऊ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जाजमऊ थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि फिलहाल परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है और न ही किसी पर आरोप लगाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर मिलने के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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