कानपुर में हाईटेंशन लाइन के करंट से चाचा-भतीजे की मौत:3 घंटे से हंगामा; बेटी शव से चिपककर चीखती रही, पत्नी बेसुध हुई
कानपुर में शनिवार को हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से चाचा-भतीजे की मौत हो गई। रविवार सुबह उनके रिश्तेदारों व गांव वालों का आक्रोश फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिवार के लोगों ने अपार्टमेंट मालिक के स्कूल के बाहर सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब 3 घंटे से प्रदर्शन जारी है। परिजनों ने मृतकों के आश्रितों को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा देने की मांग की। उनका कहना था कि राजपाल और अभिषेक परिवार की जिम्मेदारी संभालते थे। दोनों की मौत से परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने पुलिस से कहा कि मुआवजे को लेकर ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही शव वहां से हटाए जाएंगे। 3 तस्वीरें देखिए… ग्रिल की नाप लेते चपेट में आए रावतपुर निवासी राजपाल उर्फ छोटू (39) प्राइवेट काम करते थे। परिवार में पिता विश्राम सिंह, पत्नी सुमन, बेटियां सौम्या और श्रेया तथा बेटा कबीर हैं। शनिवार को वह अपने भतीजे अभिषेक (30) और एक अन्य मजदूर के साथ केशवपुरम स्थित बालाजी अपार्टमेंट में ग्रिल लगाने पहुंचे थे। अभिषेक भी ग्रिल लगाने का काम करता था। उसकी पत्नी सुनीता और बेटी पूर्णिमा हैं। परिजनों के मुताबिक, अपार्टमेंट के एक फ्लैट में ग्रिल लगाने के दौरान मजदूर नाप ले रहे थे। इसी दौरान ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। करंट लगते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। राजपाल और अभिषेक गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि उनके साथ मौजूद एक अन्य मजदूर भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों ने तोड़ा दम हादसे के बाद अपार्टमेंट में अफरातफरी मच गई। गंभीर रूप से झुलसे राजपाल और अभिषेक को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। तीसरे मजदूर का भी उपचार कराया गया। सूचना पर पहुंची रावतपुर पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी परिजनों को दी गई और मामले की जांच शुरू की गई। रातभर घर में मातम, सुबह स्कूल के बाहर रखे शव शनिवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस सुरक्षा में दोनों शव घर पहुंचाए गए। शव देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का कहना था कि दोनों परिवार की कमाई का प्रमुख सहारा थे। अचानक हुई मौत से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। रविवार सुबह परिजन और रिश्तेदार दोनों शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए जाने के बजाय अपार्टमेंट मालिक के स्कूल के बाहर पहुंच गए। यहां सड़क पर दोनों शव रखकर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई थानों का फोर्स पहुंचा, बातचीत से मामला शांत कराने की कोशिश शव सड़क पर रखे जाने की सूचना मिलते ही रावतपुर समेत आसपास के कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं और शवों को सड़क से हटाने का प्रयास किया। परिजन ठोस आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि दोनों परिवारों के आश्रितों को आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने बातचीत के जरिए मामला शांत कराने का प्रयास किया। मौके पर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। पुलिस की निगरानी में स्थिति को नियंत्रित रखा गया। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के कारणों और लापरवाही के आरोपों की जांच की जा रही है।
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