कानपुर में सीईसी व मतदान के अधिकार का किया पिंडदान:सरसैया घाट में विधि छात्रों को पिंड गंगा में प्रवाहित करने से पुलिस ने रोका
कानपुर में छात्रों ने 14 साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने और एसआईआर के जरिए वोट का अधिकार छिनने के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। मंगलवार को विधि छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सरसैया घाट पर बालू से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार व मतदान के अधिकार का प्रतीकात्मक पिंड बनाया। ‘वोट’ लिखे पोस्टर को माला पहनाई और अगरबत्ती जलाकर उसके सामने पिंड रख दिया। प्रदर्शनकारी इसे गंगा में प्रवाहित करने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया और पिंड अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान पिंड दान के समय पढ़े जाने वाले मंत्र पढ़े गए व पूरी औपचारिकताओं को पूरा किया गया। छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिले विधि छात्र मोर्चा ने प्रदर्शन के जरिए छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार देने की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक ओर देश में मतदान के अधिकार और मतदाता सूची को लेकर चर्चा हो रही है, वहीं कानपुर के छात्र करीब 14 वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के कारण अपने प्रतिनिधि चुनने के अवसर से वंचित हैं। प्रदर्शन के दौरान ‘छात्रसंघ चुनाव हमारा अधिकार है’ के नारे लगाए गए। लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा संघर्ष मोर्चा के संचालक अनुज त्रिपाठी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूत बुनियाद मतदान का अधिकार है। यदि छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं मिलेगा, तो विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक व्यवस्था कैसे मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि SIR और छात्रसंघ चुनाव दोनों लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं। छात्रसंघ चुनाव की बहाली के लिए मोर्चा शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। प्रदर्शन में पार्थ, संदीप जायसवाल, सचिन गुप्ता और विनायक यादव समेत अन्य छात्र व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)