कानपुर में विभागाध्यक्ष और शिक्षक पर जातिगत टिप्पणी का आरोप:भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन ने प्रदर्शन किया, एसीपी को ज्ञापन सौंपा
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में एमएड की दलित छात्रा से कथित जातिगत टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने विभागाध्यक्ष डॉ. तनुजा भट्ट और शिक्षक डॉ. विमल सिंह के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाकर शांत कराया। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने एसीपी कल्याणपुर को ज्ञापन सौंपा। एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराने की मांग एमएड की छात्रा ने बीते दिनों विभागाध्यक्ष डॉ. तनुजा भट्ट और शिक्षक डॉ. विमल सिंह पर कक्षा के दौरान जातिगत आधार पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप लगाए थे। शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने विभागाध्यक्ष के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। संगठन ने मामले की प्रशासनिक जांच कराने और जांच पूरी होने तक दोनों शिक्षकों को उनके वर्तमान पदों से हटाने की मांग भी उठाई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जांच ऐसी समिति से कराई जाए, जिस पर पक्षपात का आरोप न लगे। उत्तर पुस्तिकाओं की समीक्षा कराने की मांग भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन ने छात्रा की उत्तर पुस्तिकाओं और शैक्षणिक मूल्यांकन से जुड़े दस्तावेजों की विशेषज्ञों से समीक्षा कराने की मांग की। संगठन ने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि छात्रा को न्याय मिल सके और भेदभाव की आशंका दूर हो। कार्यकर्ताओं ने यह भी मांग की कि जांच के दौरान छात्रा पर मानसिक दबाव न बनाया जाए और उसके खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न हो। इनसेट: जांच के आधार पर होगी कार्रवाई भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष कौशल वाल्मीकि ने बताया कि शिक्षकों के खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग को लेकर एसीपी कल्याणपुर को ज्ञापन सौंपा गया है। संगठन चाहता है कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि मामले में जांच की मांग की गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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