कानपुर टेंडर घोटाले में ठेकेदार से डेढ़ घंटे पूछताछ:SIT ने मांगे फर्म, हॉट मिक्स प्लांट और बैंक लेनदेन के दस्तावेज; 3 दिन का समय लिया
कानपुर नगर निगम में टेंडर और फर्म घोटाले के मामले में SIT ने रविवार को ठेकेदार गोविंद शर्मा के बयान दर्ज किए। नोटिस मिलने के बाद स्वरूप नगर थाने पहुंचे गोविंद शर्मा से करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान गोविंद मुकदमे से संबंधित जरूरी दस्तावेज लेकर नहीं आया था। गोविंद शर्मा ने तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए SIT से अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए 2 से 3 दिन का समय मांगा है। SIT ने उससे फर्म के दस्तावेजों से लेकर हॉट मिक्स प्लांट की मशीनरी और उसके रिन्युअल से संबंधित रिकॉर्ड मांगे हैं। गोविंद शर्मा के SIT ने दर्ज किए बयान मामले की जांच के लिए ADCP सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय SIT गठित की गई है। इसमें ACP स्वरूप नगर ज्योति श्री, फजलगंज इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय और स्वरूप नगर इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह शामिल हैं। SIT में शामिल फजलगंज इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने गोविंद शर्मा को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इसके बाद वह रविवार को स्वरूप नगर थाने पहुंचा, जहां उससे घोटाले से जुड़े कई सवाल पूछे गए हैं। हॉट मिक्स प्लांट समेत बैंक स्टेटमेंट का मांगा ब्योरा पूछताछ के दौरान SIT ने गोविंद शर्मा से पूछा कि उसके पास हॉट मिक्स प्लांट के लिए कौन-कौन सी मशीनरी उपलब्ध है। इसके साथ ही प्लांट के अभिलेख, उनके रिन्युअल के रिकॉर्ड और नगर निगम में ठेके के रजिस्ट्रेशन के दौरान जमा किए गए दस्तावेजों की जानकारी भी मांगी गई। पुलिस ने उसकी फर्म, बैंक स्टेटमेंट, GST और इनकम टैक्स के रिकॉर्ड के साथ कराए गए कार्यों के क्वालिटी सर्टिफिकेट समेत अन्य जरूरी जानकारियां भी मांगी हैं। तबीयत खराब होने का हवाला देकर मांगा 2-3 दिन का समय ADCP सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह ने बताया कि गोविंद शर्मा को नोटिस देकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। उससे फर्म और हॉट मिक्स प्लांट से जुड़े दस्तावेजों के अलावा वित्तीय लेन-देन और कराए गए कार्यों के प्रमाण पत्र मांगे गए हैं। हालांकि, वह रविवार को मुकदमे से संबंधित अभिलेख लेकर नहीं पहुंचा। उसने तबीयत खराब होने की बात कहते हुए 2 से 3 दिन में सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। पार्षदों से चीफ इंजीनियर तक के सिंडिकेट के सबूत देने का दावा इससे पहले पूछताछ के दौरान गोविंद शर्मा ने टेंडर घोटाले के नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे किए थे। उसने पार्षदों से लेकर चीफ इंजीनियर तक के सिंडिकेट में शामिल होने के सबूत पुलिस को देने की बात कही थी। अब SIT उससे दस्तावेजी साक्ष्य जुटाकर पूरे मामले में उसकी भूमिका और अन्य आरोपियों से संबंधों की जांच कर रही है। फजलगंज में दर्ज है रंगदारी का मुकदमा नगर निगम में टेंडर और फर्म घोटाले के मामले में पुलिस ने कुल 6 FIR दर्ज की थीं। इनमें नगर निगम के अधिकारियों की ओर से 5 मुकदमे स्वरूप नगर थाने में फर्मों के खिलाफ दर्ज कराए गए थे। वहीं, ठेकेदार सनी सिंह की तहरीर पर फजलगंज थाने में गोविंद शर्मा, रज्जन बाजपेई और संदीप जैन के खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस रज्जन बाजपेई और संदीप जैन को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि गोविंद शर्मा फरार हो गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। कोर्ट ने उसे जांच में सहयोग करने के निर्देश के साथ गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक दी थी।
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