कानपुर में कथित चिकित्सकीय लापरवाही, चार महीने बाद महिला के पेट से निकला तौलिया
कानपुर में एक महिला के पहले ऑपरेशन के दौरान पेट में तौलिया छूटने का आरोप सामने आया है। करीब चार महीने तक दर्द और घाव से मवाद निकलने की परेशानी के बाद दूसरे ऑपरेशन में तौलिया निकाले जाने की बात सामने आई। पति ने शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है और स्वास्थ्य विभाग ने जांच के निर्देश दिए हैं।
दि राइजिंग न्यूज़ | कानपुर | 16 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के कानपुर से चिकित्सा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। एक महिला को कथित तौर पर पेट के दर्द से करीब चार महीने तक परेशान रहना पड़ा। खबर के अनुसार, महिला के पहले हुए ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में तौलिया छूट जाने का आरोप लगाया गया है। बाद में दोबारा ऑपरेशन किए जाने पर पेट से तौलिया निकलने की बात सामने आई। इस घटना ने उपचार के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
चार महीने पहले पेट में दर्द होने पर कराया गया था ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, कानपुर देहात के रहने वाले वीरेंद्र कुमार की 24 वर्षीय पत्नी सोनी को करीब चार महीने पहले पेट में तेज दर्द हुआ था। परिजन उन्हें मकसूदाबाद स्थित ओमशांति अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने बच्चेदानी की नली फटने और पेट में खून जमा होने की बात कही। इसके बाद महिला के ऑपरेशन की सलाह दी गई। परिवार के अनुसार, 10 जून 2026 को कल्याणपुर स्थित विश्वास अस्पताल के शल्य चिकित्सा कक्ष में उनका ऑपरेशन किया गया।
ऑपरेशन के बाद भी कम नहीं हुआ दर्द
परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला को कुछ समय तक अस्पताल में रखने के बाद छुट्टी दे दी गई, लेकिन उनकी परेशानी पूरी तरह दूर नहीं हुई। कुछ समय बाद उनके पेट में दोबारा तेज दर्द होने लगा और ऑपरेशन वाले घाव से मवाद निकलने लगा। लगातार बढ़ती परेशानी के कारण परिजन चिंतित हो गए और महिला को दूसरे अस्पताल ले जाने का फैसला किया। इसके बाद मामले में नए सिरे से जांच और उपचार की जरूरत पड़ी।
दूसरे ऑपरेशन में पेट से निकला तौलिया
महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन उन्हें अकबरपुर स्थित राफिल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोबारा ऑपरेशन किया। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, 12 अक्टूबर 2026 को किए गए ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट के अंदर तौलिया फंसा मिला, जिसे बाहर निकाला गया। इस खुलासे के बाद पहले ऑपरेशन के दौरान कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे। फिलहाल महिला का उपचार जारी होने की जानकारी सामने आई है।
डेढ़ लाख रुपये लेने का भी लगाया आरोप
पीड़िता के पति वीरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि पहले ऑपरेशन और उपचार के नाम पर उनसे करीब डेढ़ लाख रुपये लिए गए थे। परिवार ने इलाज के दौरान कथित लापरवाही और खर्च को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पति का कहना है कि उनकी पत्नी को कई महीनों तक दर्द और दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, उपचार में किसकी क्या जिम्मेदारी थी और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच तथा चिकित्सकीय अभिलेखों की पड़ताल के बाद ही स्पष्ट होगा।
अस्पताल संचालक ने दी अपनी सफाई
विश्वास अस्पताल के संचालक जगदीश चंद्र विश्वास ने मामले में अपनी सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने ओमशांति अस्पताल के संचालक अजय को अपना शल्य चिकित्सा कक्ष किराये पर दिया था। उनके अनुसार, मरीज के ऑपरेशन के लिए चिकित्सक, उपकरण और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की व्यवस्था दूसरे अस्पताल के संचालक की ओर से की गई थी। इस बयान के बाद दोनों अस्पतालों की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित चिकित्सकीय अभिलेखों और ऑपरेशन से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
पति ने की शिकायत, जांच के निर्देश
महिला के पति ने कथित चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल और कल्याणपुर थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले की जांच के लिए तीन चिकित्सकों की समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच में ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक, संबंधित अस्पतालों की भूमिका और उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि इस मामले में किसकी जिम्मेदारी बनती है।
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