काशी विद्यापीठ में ABVP की तिरंगा यात्रा:जो अफजल के यार है देश के गद्दार है के लगाए नारे

Oct 17, 2026 - 18:17
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काशी विद्यापीठ में ABVP की तिरंगा यात्रा:जो अफजल के यार है देश के गद्दार है के लगाए नारे
दिल्ली में चल रहे जेन जी अगेन प्रोटेस्ट के खिलाफ महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने तिरंगा यात्रा निकाली। यात्रा में शामिल छात्रों ने कहा कि इसका उद्देश्य राष्ट्र की अखंडता, समता और युवाओं को जोड़ने का संदेश देना है।कार्यकर्ताओं ने जो अफजल के यार है देश के गद्दार के नारे लगाए। आरजकता रोको लोकतंत्र अपनाओं का बैनर लेकर यात्रा शुरू की। उन्होंने कहा कि सीजेपी का विरोध प्रदर्शन युवाओं को भटकाने और संवैधानिक संस्थाओं में अविश्वास पैदा करने की कोशिश है। यात्रा विद्यापीठ से शुरू भारत माता मंदिर के होते हुए मलदहिया चौराहे से विद्यापीठ में समाप्त हुई। इसमें ABVP के कार्यकर्ता और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी शामिल हुए। समता और राष्ट्र की अखंडता के लिए निकाली यात्रा यात्रा में शामिल एक छात्र ने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं को जोड़ना और देश की एकता का संदेश देना है। उसने कहा, “हमने समता के लिए, राष्ट्र की अखंडता के लिए और युवाओं को जोड़ने के लिए तिरंगा यात्रा निकाली है। जहां एक ओर कुछ लोग युवाओं को भटकाकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं हम इस यात्रा के जरिए संदेश देना चाहते हैं कि देश का युवा एक है और हम राष्ट्र को बिखरने नहीं देंगे।” बोले- दिल्ली में चल रहे नक्सलवाद का विरोध है ये यात्रा यात्रा में शामिल छात्रों ने कहा कि वे देश में नक्सलवाद को बढ़ावा दिए जाने के विरोध में तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं। एक छात्र ने कहा जिस प्रकार सीजेपी देश के युवाओं को तोड़ने का प्रयास कर रही है और नक्सलवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है, हम उसके विरोध में यह तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं। छात्रों ने कहा कि यात्रा के माध्यम से वे राष्ट्रीय एकता के पक्ष में अपना संदेश देना चाहते हैं। देश का युवा राष्ट्रवाद और विकसित भारत के साथ ABVP के प्रदेश पदाधिकारी और विश्वविद्यालय संयोजक आकाश प्रताप सिंह ने कहा कि देश का युवा राष्ट्रवाद, विकसित भारत और संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास करता है। उन्होंने कहा, “देश का जो युवा है, वह राष्ट्रवाद के साथ है। देश का युवा विकसित भारत के साथ है। देश का युवा संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास करता है। देश का युवा अराजकता को कतई स्वीकार नहीं करता है।” आकाश प्रताप सिंह ने विरोध-प्रदर्शनों को लेकर कहा कि अपनी शिकायतों के समाधान के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले संबंधित पुलिस चौकी, थाने या अन्य संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए। उनके मुताबिक, जब इन माध्यमों से सुनवाई न हो, तभी शांतिपूर्ण धरने जैसे विकल्प अपनाए जाने चाहिए। विरोध के लिए संवैधानिक प्रक्रिया अपनाने की बात आकाश प्रताप सिंह ने कहा दिल्ली में चल रहे आंदोलन के कारण व्यापारी रो रहे हैं। व्यापार बंद है। स्कूल बंद है काम ठप्प है। ऐसे विरोध प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। विरोध के दौरान आम लोगों, कारोबारियों, महिलाओं और विद्यार्थियों की दिनचर्या प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति और लोकतांत्रिक परंपराएं पुरानी हैं और देश की एकता को कमजोर करने वाले बयानों को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। ये विचार आकाश प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में रखे। संवैधानिक संस्थाओं का प्रोटोकॉल पालन करने की अपील ABVP के प्रांत मंत्री शिवम सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताने और अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है। उन्होंने कहा, “अगर हमें किसी बात से नाराजगी है या हम किसी चीज से सहमत नहीं हैं, तो इस देश में हमें अपनी बात रखने का अधिकार मिला हुआ है। हम सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के अपने नियम और प्रोटोकॉल होते हैं, जिनका पालन सभी को करना चाहिए।” शिवम सिंह ने कहा कि तिरंगा यात्रा के जरिए संगठन यह संदेश देना चाहता है कि विद्यार्थी भी देश के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई इन संस्थाओं को चुनौती देता है, तो विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता उसका विरोध करेंगे। छात्रसंघ चुनाव कराने की भी मांग शिवम सिंह ने विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनावों का समर्थन करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद उत्तर प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग करती रही है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद को विभिन्न विश्वविद्यालयों में समर्थन मिला है। उनके मुताबिक, छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर देते हैं। युवाओं से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील यात्रा में शामिल विद्यार्थियों ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नियमों के दायरे में रहकर अपनी मांगें रखें और तोड़फोड़ जैसी गतिविधियों से बचें। छात्रों ने कहा कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए युवाओं को जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

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