कौशांबी में 2021 में बना चारिका महिला स्वयं सहायता समूह:10 महिलाएं खुद तैयार करती हैं उत्पाद, बाजारों और स्कूलों में हो रही बिक्री
कौशांबी में ही रोजगार मिला तो महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनने की राह चुन ली। मूरतगंज ब्लॉक के हररायपुर गांव में चारिका महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 10 महिलाएं टॉयलेट क्लीनर, फिनायल और अचार बनाकर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। समूह की महिलाएं हर महीने 10 से 20 हजार रुपए तक कमा रही हैं। उनके बनाए उत्पादों की मांग कौशांबी के बाजारों और स्कूलों में है। चारिका महिला स्वयं सहायता समूह का गठन वर्ष 2021 में किया गया था। समूह की अध्यक्ष संध्या सिंह हैं। समूह से जुड़ी महिलाएं उत्पाद तैयार करने से लेकर उनकी बिक्री तक का काम खुद करती हैं। टॉयलेट क्लीनर, फिनायल और अचार जैसे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले उत्पाद बनाकर वे स्थानीय बाजार में अपनी पहचान बना रही हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति में हो रहा सुधार समूह से जुड़कर महिलाओं को गांव में ही रोजगार का अवसर मिला है। इससे उन्हें अपनी आमदनी बढ़ाने और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद मिल रही है। महिलाओं की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को भी सामने ला रही है। दूसरी महिलाओं को भी मिल रही प्रेरणा चारिका महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपने प्रयासों से यह साबित कर रही हैं कि सामूहिक मेहनत और स्थानीय संसाधनों के सहारे गांव में भी रोजगार के अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उनकी पहल दूसरी ग्रामीण महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
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