खाक चौक आश्रम में व्यवस्थाओं को लेकर विवाद गहराया:महंत बृजमोहन दास पर महंतों ने लगाए आरोप, राम लखन दास त्यागी ने सुनील दास सामने आए
अयोध्या के वासुदेवघाट स्थित अखिल भारतीय पंच तेरह भाई त्यागी आश्रम में व्यवस्थाओं और मरम्मत कार्यों को लेकर संतों के बीच विवाद सामने आया है। आश्रम की देखरेख कर रहे सुनील दास और महंत बृजमोहन दास के बीच कार्यों को लेकर मतभेद की बात कही जा रही है। सुनील दास ने जहां मरम्मत और साफ-सफाई के कार्यों में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है, वहीं आश्रम से जुड़े अन्य संतों ने व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों को लेकर अपना पक्ष रखा है। अखिल भारतीय पंच तेरह भाई त्यागी संत सेवा समिति के अध्यक्ष महंत रामलखन दास त्यागी ने सुनील दास के कार्यों को जनहित में बताते हुए उन्हें सहयोग देने की बात कही है। सुनील दास के अनुसार, बर्फानी दादा के शिष्य 13 सीट में एक सीट के महंत बाल योगी लक्ष्मण दास महाराज ने उन्हें आश्रम की देखरेख और व्यवस्था संभालने के लिए अपना अधिकारी नियुक्त कर भेजा है। उनका कहना है कि वह आश्रम में लिपाई-पुताई, मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्य करा रहे हैं, लेकिन इन कार्यों को लेकर महंत बृजमोहन दास के साथ मतभेद हो रहे हैं। सुनील दास ने आरोप लगाया कि उन्हें आए दिन विरोध का सामना करना पड़ता है और गाली-गलौज के साथ लाठी-डंडे से डराने की घटनाएं भी हुई हैं। उनका दावा है कि इस संबंध में वह थाना, सीओ, चौकी प्रभारी और एसएसपी से शिकायत कर चुके हैं। हालांकि, अब तक उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिल सका है। उन्होंने आश्रम में पूर्व में रह रहे संत रामशरण दास के साथ भी मारपीट होने का आरोप लगाया। आश्रम की संपत्ति पंच की, सभी को मिलकर करना चाहिए काम : महंत राम लखन दास अखिल भारतीय पंच तेरह भाई त्यागी संत सेवा समिति के अध्यक्ष महंत राम लखन दास त्यागी ने कहा कि तेरह भाई त्यागी आश्रम की संपत्ति सामूहिक है और किसी व्यक्ति विशेष की निजी संपत्ति नहीं है। आश्रम में बने भोजनालय और अन्य सुविधाएं पंच की हैं, जिनका उपयोग संतों के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि सुनील दास आश्रम में साफ-सफाई, लिपाई-पुताई और मरम्मत जैसे कार्य करा रहे हैं, जो सार्वजनिक हित से जुड़े हैं। समिति की ओर से उनके कार्यों पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने आश्रम की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए सुनील दास को संरक्षण और सहयोग दिए जाने की आवश्यकता जताई। राम लखन दास त्यागी ने बताया कि तेरह भाई त्यागी परंपरा में 13 श्रीमहंत और उनके अंतर्गत करीब 700 महंत हैं। इस परंपरा से बड़ी संख्या में संत जुड़े हुए हैं, जो देशभर में धार्मिक यात्राओं और आयोजनों में शामिल होते हैं। वर्तमान में भी संप्रदाय की तीन जमातें पदयात्रा पर हैं। मेलों और धार्मिक उत्सवों के दौरान आश्रम में संतों की संख्या बढ़ जाती है और वर्तमान समय में संतों की संख्या 10 लाख से अधिक है इसलिए व्यवस्था को सुचार रूप से चलने के लिए सामान्य बनाना जरूरी है। मरम्मत कार्य को लेकर मतभेद की बात कही महंत परमेश्वर दास ने कहा कि बर्फानी दादा 13 महंतों में एक महंत थे उनके स्थान पर उनके शिष्य लक्ष्मण दास एक स्थान के महंत हैं और बर्फानी दादा आश्रम की व्यवस्था संभालते थे उनके बाद लक्ष्मण दास व्यवस्था संभाल रहे थे लेकिन व्यवस्था में कुछ कमी आई, अब सुनील दास आश्रम में मरम्मत, प्लास्टर और अन्य आवश्यक कार्य करा रहे हैं। उनके अनुसार, इन कार्यों को लेकर बीच में विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आश्रम की देखरेख और आवश्यक मरम्मत समय-समय पर होना जरूरी है। सुनील दास ने कहा कि उनका उद्देश्य आश्रम की व्यवस्था को बेहतर बनाना है। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, महंत बृजमोहन दास का इस संबंध में विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में विवाद से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। आश्रम की संपत्ति, प्रबंधन और व्यवस्थाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित पक्षों के बीच संवाद और प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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