कहीं डॉक्टर अकेली, कहीं आरोग्य मंदिर पर ताला:NHM हड़ताल से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
वाराणसी में NHM कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखने लगा है। सोमवार को दैनिक भास्कर की ग्राउंड पड़ताल में अर्दली बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पर सामान्य दिनों में रहने वाले 12 कर्मचारियों की जगह सिर्फ डॉक्टर संगीता मौर्य मौजूद मिलीं। वहीं, भुवनेश्वर नगर कॉलोनी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर ताला लगा मिला। कर्मचारियों की गैरमौजूदगी से टीकाकरण, ब्लड जांच और दवा वितरण जैसी सेवाएं प्रभावित हुईं। हालांकि अभी जिला अस्पताल में स्तिथि सामान्य नजर आई। सीएमएस एसपी सिंह के निर्देश पर आपता स्तिथि को देखते हुए। परमानेंट कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई है। उनका डे और नाइट ऑफ भी निरस्त कर दिया गया है। डॉक्टर्स का कहना है कि अगर आंदोलन लंबा चला को स्तिथि बिगड़ सकती है। 12 कर्मचारियों की जगह सिर्फ डॉक्टर, मरीजों को दीनदयाल भेज रहे अर्दली बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को सिर्फ डॉक्टर संगीता मौर्य मौजूद मिलीं। डॉक्टर के मुताबिक, सामान्य दिनों में केंद्र पर करीब 12 कर्मचारी रहते हैं। NHM कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। डॉ. संगीता मौर्य ने बताया कि कर्मचारियों के नहीं आने से दिक्कत हो रही है। उम्मीद है कि जल्द ही धरना खत्म होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र पर आने वाले मरीजों को दीनदयाल अस्पताल रेफर किया जा रहा है, जहां उनका आगे इलाज हो रहा है। भुवनेश्वर नगर कॉलोनी के आरोग्य मंदिर पर ताला भुवनेश्वर नगर कॉलोनी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर सोमवार को बंद मिला। मौके पर ताला लगा हुआ था। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) समेत NHM के संविदा कर्मचारियों की भूमिका अहम होती है। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से इन केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्राउंड पड़ताल के दौरान केंद्र पर मरीज भी नहीं मिले। ऐसे में मरीजों से बात नह हो सकी। हालांकि, मौके पर ताला मिलने से स्पष्ट है कि उस समय केंद्र पर सेवाएं नहीं चल रही थीं। वाराणसी में 13 CHC, 59 PHC और 191 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर वाराणसी में 9 ग्रामीण और 4 शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) हैं। इसके अलावा 30 ग्रामीण और 29 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) हैं। जिले में 191 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HWC) भी हैं। दीनदयाल अस्पताल में रोज 1500-1800 मरीज, अभी विशेष असर नहीं प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से जरूरतमंद मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। दीनदयाल अस्पताल के सीएमएस एसपी सिंह ने बताया कि यहां रोजाना करीब 1500 से 1800 मरीज आते हैं। फिलहाल हड़ताल का अस्पताल की सेवाओं पर विशेष असर नहीं पड़ा है। अधिकारी ने बताया कि कामकाज संभालने के लिए नियमित कर्मचारियों के डे-ऑफ और नाइट-ऑफ फिलहाल खत्म कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दूर के PHC और CHC से गंभीर जरूरत वाले मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। यदि हड़ताल लंबी चली तो यहां भी मरीजों का दबाव बढ़ सकता है। नियमितीकरण और समान वेतन समेत कई मांगें NHM कर्मचारी नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन और बेहतर सेवा सुविधाओं जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वाराणसी में कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया था। मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेश स्तर पर लखनऊ में भी आंदोलन किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में NHM कर्मचारियों की भूमिका अहम है। टीकाकरण, जांच, दवा वितरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी कई सेवाओं में इनकी भागीदारी रहती है। ऐसे में हड़ताल लंबी चलने पर इन सेवाओं पर असर बढ़ने की आशंका है।
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