खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन: जमीन अधिग्रहण का मुआवजा मिलना शुरू:रानीजोत देवरिया में प्रशासन ने लगाया कैंप, 219 किसानों की जमीन अधिग्रहित
बलरामपुर में वर्षों से रेल की सीटी का इंतजार कर रहे बलरामपुर और आसपास के लोगों के लिए खलीलाबाद–बहराइच नई रेल लाइन परियोजना अब जमीन पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के प्रतिकर भुगतान की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में शनिवार को सदर ब्लॉक के रानीजोत देवरिया गांव में प्रशासन ने कैंप लगाकर किसानों से सहमति पत्र और जमीन से संबंधित दस्तावेज लेने शुरू कर दिए हैं। प्रपत्रों की जांच के बाद पात्र किसानों को अधिग्रहित भूमि का प्रतिकर दिया जाएगा। गांव में कैंप लगने से किसानों को अब प्रतिकर की प्रक्रिया के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रशासनिक टीम गांव में ही पहुंचकर दस्तावेज लेने से लेकर प्रपत्रों की जांच तक की कार्रवाई कर रही है। इससे किसानों को समय और भागदौड़ दोनों से राहत मिलेगी। किसानों से पूर्व में ही सहमति पत्र लिया जा चुका रानीजोत देवरिया में रेल लाइन परियोजना के लिए 219 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। इनमें 27 किसानों से पूर्व में ही सहमति पत्र लिया जा चुका है। अब शेष किसानों से सहमति पत्र और भूमि संबंधी अभिलेख लिए जा रहे हैं। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार प्रतिकर भुगतान की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। प्रशासन की ओर से गांव में कैंप लगाए जाने का उद्देश्य भूमि अधिग्रहण और प्रतिकर भुगतान की प्रक्रिया को किसानों के लिए आसान बनाना है। अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि किसी तरह की कमी होने पर उसे समय रहते दूर कराया जा सके। खलीलाबाद–बहराइच नई रेल लाइन के लिए जिले के देवरिया, भवनियापुर, बनघुसरा, लुचुइया, फरेंदा, दुल्हापुर, पयागपुर, कलंदरपुर, सेखुइया और गणेशपुर गांवों की भूमि अधिग्रहित की गई है। सामाजिक प्रभाव आकलन में प्रभावित किसानों, भूमिधरों, परिवारों और सार्वजनिक संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया गया था। लोगों को सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है इसके बाद भूमि अधिग्रहण और प्रतिकर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।लंबे समय से नई रेल लाइन की मांग कर रहे क्षेत्रवासियों के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद प्रतिकर भुगतान शुरू होना परियोजना को धरातल पर आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई रेल लाइन बनने के बाद बलरामपुर का रेल संपर्क बहराइच, श्रावस्ती, उतरौला, डुमरियागंज, मेंहदावल और खलीलाबाद जैसे क्षेत्रों से स्थापित होने की उम्मीद है। वर्तमान में इन क्षेत्रों के कई हिस्सों में रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे लोगों को सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है। डीएम विपिन कुमार जैन के अनुसार किसानों को प्रतिकर भुगतान में सुविधा देने के लिए गांवों में ही कैंप लगाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। रेल लाइन की लंबाई 240 किमी है।जिसमें अनुमानित लागत 4,940 करोड़ रुपये आएगा।कुल क्रासिंग स्टेशन 16 जबकि हाल्ट स्टेशन 12 होंगे।इसी के साथ रेल मार्ग में बड़े पुल 32 और छोटे पुल 86 होंगे।
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