बुलंदशहर में लेखपालों ने तहसील दिवस का बहिष्कार किया:8 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे, किसानों को हो रही परेशानी
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में लेखपाल संघ के प्रदेशव्यापी आवाहन पर शनिवार दोपहर 12 बजे से बुलंदशहर जिले की सभी तहसीलों में लेखपालों ने तहसील दिवस का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया। अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलित लेखपालों ने तहसील परिसरों में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और शासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। बुलंदशहर तहसील परिसर में चल रहे धरने के दौरान लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदर्शन संघ के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है। लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष हरीश कुमार और तहसील मंत्री हर्षित माथुर ने बताया कि अपनी न्यायसंगत मांगों के समर्थन में लेखपालों ने बीते 22 तारीख को ही अतिरिक्त हलकों (चार्ज) का कार्य छोड़ दिया था। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक रुख न दिखाए जाने के कारण अब आंदोलन को और तेज कर दिया गया है। तहसील पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी 8 सूत्रीय मांगों पर विचार कर समाधान नहीं निकाला, तो यह आंदोलन आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। लेखपालों द्वारा संपूर्ण समाधान दिवस (तहसील दिवस) के बहिष्कार और हड़ताल के चलते तहसील मुख्यालयों पर अपने काम-काज के लिए पहुंचे क्षेत्र के किसानों और आम जनता को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। निस्तारण का काम पूरी तरह से ठप आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, खतौनी संशोधन और भूमि विवाद से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण का काम पूरी तरह से ठप पड़ गया है, जिससे दूर-दराज के गांवों से आए किसान मायूस होकर लौटने को मजबूर हैं।
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