खंभे पर चढ़े इलेक्ट्रीशियन की करंट लगने से मौत:शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन, 8 किमी लंबा जाम; 50 लाख मुआवजा-नौकरी की मांग
गोंडा के कौड़िया बाजार थाना क्षेत्र में रविवार सुबह 9 बजे करंट लगने से 35 वर्षीय इलेक्ट्रीशियन सीताराम की मौत हो गई। वह घर से करीब 100 मीटर दूर विद्युत पोल पर काम कर रहे थे। हादसे के बाद परिजनों ने आर्यनगर-करनैलगंज मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। शाम 4 बजे तक करीब दो घंटे से प्रदर्शन जारी था। 50 लाख मुआवजा और पत्नी को नौकरी की मांग परिजन बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। उनकी मांग है कि मृतक की पत्नी को 50 लाख रुपए का आर्थिक मुआवजा दिया जाए। पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही बिजली विभाग के संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और लाइनमैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। तहसीलदार और पुलिस ने समझाने का प्रयास किया प्रदर्शन की सूचना पर करनैलगंज तहसीलदार और कौड़िया थाना प्रभारी शशि कुमार राणा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मांगों पर अड़े रहे। परिजनों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों और लाइनमैन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। 11 हजार वोल्ट की लाइन पर चढ़े थे सीताराम बताया गया कि लाइनमैन दिलीप शुक्ला के कहने पर सीताराम विद्युत फॉल्ट ठीक करने के लिए 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन वाले पोल पर चढ़े थे। इसी दौरान अचानक लाइन में करंट आ गया। सीताराम करंट की चपेट में आ गए। परिजन उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। 10 साल से लाइनमैन के साथ काम कर रहे थे परिजनों के अनुसार सीताराम करीब 10 साल से आर्यनगर विद्युत उपकेंद्र पर तैनात लाइनमैन दिलीप शुक्ला के साथ काम कर रहे थे। उन्हें रोजाना करीब 100 से 200 रुपए मिलते थे। इसी कमाई से वह परिवार का पालन-पोषण करते थे। सीताराम के दो बेटे और एक बेटी हैं। उनकी मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी पत्नी पर आ गई है। प्रदर्शन से 8 किलोमीटर लंबा जाम शव रखकर प्रदर्शन के कारण आर्यनगर-करनैलगंज मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। आर्यनगर से करनैलगंज और करनैलगंज से गोंडा व आर्यनगर जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। करीब 8 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
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