कल गोरक्षपीठाधीश्वर के पारंपरिक परिधान में नजर आएंगे CM:विजयदशमी शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे; दंडाधिकारी के रूप में सुलझाएंगे साधु-संतों के विवाद

Oct 19, 2026 - 17:13
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कल गोरक्षपीठाधीश्वर के पारंपरिक परिधान में नजर आएंगे CM:विजयदशमी शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे; दंडाधिकारी के रूप में सुलझाएंगे साधु-संतों के विवाद
मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयदशमी के मौके पर गोरक्षपीठाधीश्वर के विशिष्ट पारंपरिक परिधान में नजर आएंगे। इसी परिधान में सुबह 9:35 बजे से गुरु गोरखनाथ की विशिष्ट पूजा करेंगे। उसके बाद तिलक कार्यक्रम आयोजित होगा। शाम 4 बजे से विजयदशमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकलेगी। जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में करेंगे। इस दौरान वह विशेष परिधान में होंगे। भगवा रंग का ढीला वस्त्र होगा, सिर पर साफा और हाथ में राजदंड होगा। शोभायात्रा गोरखनाथ मंदिर से निकलकर मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। जहां मुख्यमंत्री देव विग्रहों की पूजा करेंगे। उसके बाद बगल में स्थित रामलीला मैदान जाएंगे और भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे। यहां सीएम का संबोधन भी होगा। रात में मुख्यमंत्री दंडाधिकारी के रूप में रहेंगे और वहां साधु-संतों के आपसी विवाद के मामलों को सुलझाएंगे। गुरु गोरखनाथ के पूजन से होगा विजयदशमी पर्व का शुभारंभ मंगलवार को अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय के महापर्व, विजयादशमी का शुभारंभ गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रातः 9:35 बजे से शिवावतार गुरु गोरखनाथजी का विशिष्ट पूजन कर किया जाएगा। श्रीनाथ जी के पूजन के बाद गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित समस्त देव विग्रहों का पूजन गोरक्षपीठाधीश्वर द्वारा किया जाएगा। दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलकोत्सव कार्यक्रम मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे। प्रसाद के दौरान जौ का ज्वारा प्रदान करेंगे। इसे विशिष्ट प्रसाद माना जाता है। जानिए क्या होगा शोभायात्रा का रूट शाम 4 बजे से गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की भव्य विजयादशमी शोभायात्रा निकलेगी। गोरक्षपीठाधीश्वर, महायोगी गुरु गोरक्षनाथ का आशीर्वाद लेकर अपने रथ पर सवार होंगे। इस दौरान वह गोरक्षपीठाधीश्वर की पारंपरिक परिधान में रहेंगे। वह ढीला-ढाला भगवा वस्त्र पहनेंगे, गले में माला धारण करेंगे और सर पर साफा होगा। उनके हाथ में राजदंड रहेगा। तुरही, नगाड़े व बैंड बाजे की धुन के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर की शोभायात्रा गोरखनाथ मंदिर के मुख्य गेट से निकलकर, गोरखनाथ थाना, गोरखनाथ फ्लाईओवर के बगल से होते हुए मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां पहुंचकर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ से जुड़े मानसरोवर मंदिर पर देवाधिदेव महादेव व अन्य देव विग्रहों की पूजा-अर्चना, अभिषेक करेंगे। इसके बाद उनकी शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां चल रही रामलीला में वह प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। इसके साथ ही प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण व हनुमानजी का पूजन कर आरती भी उतारी जाएगी। तदुपरांत रामलीला मैदान से शोभायात्रा पुनः गोरखनाथ मंदिर पहुंचेगी और सायंकाल सात बजे से पारंपरिक प्रसाद का वितरण (गरीब, ब्राह्मण एवं अतिथि भोज) का आयोजन होगा। इस भोज में अमीर-गरीब और जाति-मजहब के विभेद से परे बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग शामिल होते हैं। शोभायात्रा में हिन्दू व मुस्लिम समाज के लोग जगह-जगह गोरक्षपीठाशीश्वर का स्वागत करेंगे। रात में बनेंगे दंडाधिकारी गोरक्षपीठाधीश्वर रात में दंडाधिकारी की भूमिका में रहेंगे। यह ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ द्वारा स्थापित अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ-योगी महासभा की बैठक होती है। इसमें पात्र देवता के रूप में गोरक्षपीठाधीश्वर की साधु-संत पूजा करते हैं। उसके बाद गोरक्षपीठाधीश्वर अचला व दक्षिणा भेंट स्वरूप देंगै। इसके बाद साधु-संतों में पूरे वर्ष के दौरान यदि कोई आपसी विवाद होगा तो उसे गोरक्षपीठाधीश्वर के समक्ष रखा जाएगा। जो निर्णय गोरक्षपीठाधीश्वर सुनाएंगे, उसे सभी साधु-संत स्वीकार करते हैं।

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