कलेक्ट्रेट पहुंचा बुजुर्ग, बोला- साहब, हमें दोबारा जिंदा कर दो:2 साल से पेंशन और सम्मान निधि बंद, बांदा में सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाया

Oct 19, 2026 - 15:52
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कलेक्ट्रेट पहुंचा बुजुर्ग, बोला- साहब, हमें दोबारा जिंदा कर दो:2 साल से पेंशन और सम्मान निधि बंद, बांदा में सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाया
बांदा में सरकारी सिस्टम की लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग किसान को सरकारी दस्तावेजों में मृत दर्शा दिया गया, जिसके बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बंद हो गई। किसान का आरोप है कि वह पिछले दो साल से खुद को जीवित साबित करने के लिए ब्लॉक और तहसील के चक्कर काट रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार परेशान होकर वह जिलाधिकारी के पास पहुंचा और सरकारी रिकॉर्ड में दोबारा जीवित दर्ज करने की गुहार लगाई। प्रशासन ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। सरकारी रिकॉर्ड में मृत होने से बंद हुईं योजनाएं मामला बांदा की अतर्रा तहसील के तुर्रा गांव के मजरा कुम्हारन पुरवा का है। यहां के रहने वाले बुजुर्ग किसान रामखेलावन कलेक्ट्रेट पहुंचे और सरकारी रिकॉर्ड में खुद को जीवित दर्ज कराने की मांग की। किसान के मुताबिक, करीब दो साल पहले उन्हें सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मिलनी बंद हो गई। सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने के कारण वह अपने हक की योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। प्रधान और पंचायत सचिव पर मिलीभगत का आरोप रामखेलावन का कहना है कि उन्होंने ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और तहसील के अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें अपना हक पाने के लिए खुद के जीवित होने का प्रमाण देने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। किसान के नाती ने भी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बाबा को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाए जाने के बाद से परिवार पेंशन और किसान सम्मान निधि के लिए परेशान है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक राहत नहीं मिली। बीडीओ बोले- जांच कराकर की जाएगी कार्रवाई मामले में खंड विकास अधिकारी बलराज कोटार्य ने बताया कि प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि दो साल से सरकारी कागजों में मृत दर्ज किसान को कब तक जीवित किया जाता है और उनकी बंद पड़ी पेंशन व किसान सम्मान निधि दोबारा शुरू हो पाती है।

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