कंपाउंडर मौत मामला,सपा सांसद परिजन से मिले:बोले-पुलिसकर्मियों पर गैर इरादतन हत्या में FIR की मांग
आगरा में रावली में पुलिस की दबिश के दौरान कंपाउंडर ललित राजपूत की बिल्डिंग से गिरकर हुई मौत के मामले में रकाबगंज पुलिस घिर गई है। रविवार को समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन मृतक के परिजन से मिलने पहुंचे। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की FIR दर्ज करने की मांग की। सांसद ने पीड़ित परिवार से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पुलिस की दबिश के दौरान किसी व्यक्ति की जान जाना अत्यंत गंभीर मामला है। जब खुद पुलिस वालों की भूमिका सवालों के घेरे में हो तो निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है। अक्सर ऐसे मामलों में महकमे की साख बचाने के लिए तथ्यों को दबाने और लीपापोती का प्रयास किया जाता है, जो न्याय व्यवस्था और आम जनता के विश्वास के लिए घातक है। इस दौरान प्रदेश सचिव ममता टपलू, सांसद प्रतिनिधि धर्मेंद्र यादव, इंजीनियर महावीर संजय माहौर मौजूद रहे। परिजनों का आरोप- 5 लाख में मामला रफा-दफा करने का दबाव वहीं, परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि कार्रवाई का आश्वासन देकर अंतिम संस्कार करा दिया गया, लेकिन अब सिर्फ निलंबन की खानापूर्ति कर मामले को दबाया जा रहा है। तहरीर लेने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। मृतक के पिता चंदन ने आरोप लगाया कि शनिवार रात कुछ पुलिसकर्मी घर आए और पांच लाख रुपये दिलाकर मामला रफा-दफा करने को कहा। बेटे की जान की कीमत लगाई जा रही है। पहले सिपाहियों पर FIR और गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया था, अब पुलिस मुकर गई है। हमें समझौता नहीं, न्याय चाहिए।
मृतक के भाई भानु ने बताया कि अगर पुलिसकर्मी जुआ पकड़ने आए थे तो पांच लोगों को पकड़ने के लिए थाने से फोर्स क्यों नहीं बुलाई गई। ललित के दोस्तों को इतना डरा दिया गया कि वे भूमिगत हैं। चर्चा करने पर जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। सीसीटीवी में सिपाही पैदल आते और घटना के बाद भागते हुए नजर आएंगे। परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने दबाव बनाकर संतुष्ट होने की बात कहलवाई और वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। भानु ने दावा किया कि परिवार के पास घटना का वीडियो भी है। रविवार को दिनभर ललित के घर समाज के नेताओं और विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों का आना-जाना लगा रहा। सात दिन में दूसरी मौत कमिश्नरेट में सात दिन में पुलिसकर्मियों से जुड़ी दूसरी मौत है। पहले सदर के सेवला में ढाबा कर्मचारी बीटू लवानिया की प्रयागराज में तैनात सिपाही जैकी चौधरी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पहले पुलिसकर्मी होने की बात दबाई गई, मामला तूल पकड़ने पर जेल भेजा गया। अब शुक्रवार रात जुआ पकड़ने आए सिपाहियों से झड़प के दौरान ललित की मौत हो गई। डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार ने बताया कि परिजनों से तहरीर ली गई है। एसीपी छत्ता को जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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