कपसाड़ कांड ट्रायल में अब 23 अक्टूबर को सुनवाई:वकीलों की हड़ताल के कारण प्रभावित हुई सुनवाई, पीड़िता के भाई की होगी गवाही
मेरठ के चर्चित कपसाड़ हत्याकांड में शनिवार को वादी पक्ष की गवाही नहीं हो सकी। न्यायालय एससी-एसटी एक्ट, मेरठ में पीड़िता रूबी के भाई और मुकदमे के वादी नरसी कुमार के बयान दर्ज होने थे। हालांकि, वकीलों की हड़ताल के चलते गवाही नहीं हो सकी। अदालत ने अब नरसी कुमार के बयान दर्ज कराने के लिए 23 अक्टूबर 2026 की तारीख नियत की है। इस मामले में आरोपी पारस सोम के खिलाफ नियमित ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होनी है। पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट का संज्ञान लेने के बाद अदालत ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी। आरोपी को बालिग घोषित किए जाने के बाद मामले की सुनवाई विशेष एससी-एसटी कोर्ट में हो रही है। पहले नरसी, फिर रूबी के बयान अधिवक्ता के अनुसार, ट्रायल के दौरान सबसे पहले वादी मुकदमा नरसी कुमार की गवाही होनी है। इसके बाद मामले की मुख्य चश्मदीद और पीड़िता रूबी के बयान दर्ज कराए जाएंगे। रूबी घटना के समय अपनी मां के साथ मौजूद थी। इसके अलावा घटना से जुड़े अन्य गवाहों के बयान भी अदालत में दर्ज होंगे। 8 जनवरी को हुई थी सुनीता की हत्या 8 जनवरी 2026 की सुबह सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव निवासी 50 वर्षीय सुनीता जाटव अपनी 20 वर्षीय बेटी रूबी के साथ गन्ने के खेत में काम करने जा रही थीं। आरोप है कि रास्ते में गांव के ही पारस सोम ने रूबी को अगवा करने की कोशिश की। सुनीता ने इसका विरोध करते हुए बेटी को बचाने का प्रयास किया तो आरोपी ने दरांती से उनके सिर और गर्दन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुनीता को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद पारस सोम रूबी को अगवा कर ले गया। अब इस मामले में अदालत में गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद ट्रायल आगे बढ़ेगा।
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