कर्ज और फसल बर्बादी से परेशान किसान ने की आत्महत्या:45 वर्षीय युवक का शव खेत में पेड़ से लटका मिला, 2-3 लाख का कर्ज था
महोबा के बिलबई गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 45 वर्षीय किसान कमलेश रैकवार ने कर्ज और फसल बर्बादी से हताश होकर खेत में बबूल के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कमलेश पर करीब दो से तीन लाख रुपये का कर्ज था और अतिवृष्टि के कारण 15 बीघा में बोई गई तिल-मूंगफली की फसल बर्बाद हो गई थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र के बिलबई गांव में कुदरत की मार और कर्ज के बोझ तले दबे एक और अन्नदाता ने दम तोड़ दिया। 45 वर्षीय किसान कमलेश रैकवार ने खेत में बबूल के पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। परिजनों के मुताबिक कमलेश ने करीब 15 बीघा जमीन पर खेती कर रखी थी। मूंगफली की पूरी फसल बर्बाद हो गई इस बार अतिवृष्टि के कारण तिल और मूंगफली की पूरी फसल बर्बाद हो गई थी।फसल खराब होने से जहां घर का गुजारा मुश्किल हो गया था, वहीं गांव के लोगों से लिया गया लगभग दो से तीन लाख रुपये का कर्ज भी सिर पर मंडरा रहा था। इसी आर्थिक तंगी और गहरी निराशा ने किसान को यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। मंगलवार की रात कमलेश अपने भाई मनोज के साथ खेत की झोपड़ी में सोने गया था। सुबह 7 बजे जब बड़ा भाई खेत पहुंचा, तो कमलेश को पेड़ से लटका देख उसके होश उड़ गए। घटना की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शहर कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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