कटरा-रामलीला में सीता-हरण और जटायु-रावण युद्ध का मार्मिक मंचन:'गाथा राम की’ के पांचवें दिन शूर्पणखा प्रसंग से सीता हरण तक की लीला ने दर्शकों को किया भावुक

Oct 15, 2026 - 09:49
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कटरा-रामलीला में सीता-हरण और जटायु-रावण युद्ध का मार्मिक मंचन:'गाथा राम की’ के पांचवें दिन शूर्पणखा प्रसंग से सीता हरण तक की लीला ने दर्शकों को किया भावुक
प्रयागराज में कटरा रामलीला में ‘गाथा राम की’ के पांचवें दिन पंचवटी में शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण और जटायु-रावण युद्ध का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों के जीवंत अभिनय ने रामकथा के प्रसंगों को मंच पर साकार कर दिया। जटायु और रावण के युद्ध तथा जटायु के बलिदान का दृश्य देखकर दर्शक भावुक हो उठे। पूरा रामलीला प्रांगण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। मारीच के स्वर्ण मृग बनने से शुरू हुआ प्रसंग अतुल यदुवंशी के निर्देशन में हुए मंचन की शुरुआत पंचवटी के शांत वातावरण से हुई। शूर्पणखा प्रसंग के बाद रावण ने माता सीता का हरण करने के लिए छल की योजना बनाई। इसके तहत मारीच स्वर्ण मृग का रूप धारण कर पंचवटी पहुंचा। माता सीता के आग्रह पर भगवान श्रीराम स्वर्ण मृग के पीछे वन की ओर चले गए। मारीच की छलपूर्ण आवाज सुनकर माता सीता व्याकुल हो उठीं। उनके आग्रह पर लक्ष्मण जी कुटिया की सुरक्षा के लिए लक्ष्मण रेखा खींचकर श्रीराम की खोज में निकल गए। इसी दौरान साधु का वेश धारण कर रावण वहां पहुंचा और छलपूर्वक माता सीता का हरण कर लिया। जटायु ने रावण से लिया मुकाबला मंचन का सबसे भावुक दृश्य जटायु और रावण के बीच युद्ध का रहा। माता सीता को आकाश मार्ग से ले जाते समय पक्षीराज जटायु ने रावण का रास्ता रोककर उससे युद्ध किया। जटायु ने अधर्म के खिलाफ साहस दिखाते हुए माता सीता को बचाने का प्रयास किया। युद्ध के दौरान रावण ने जटायु के पंख काट दिए, जिससे वह धरती पर गिर पड़े। जटायु के बलिदान के इस दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। आधुनिक तकनीक और भव्य मंच सज्जा ने बांधा समां पूरी प्रस्तुति में भव्य मंच सज्जा, प्रभावशाली ध्वनि, आकर्षक दृश्य और कलाकारों के अभिनय का संगम देखने को मिला। निर्देशक अतुल यदुवंशी ने आधुनिक रंगमंचीय तकनीक के साथ पारंपरिक रामकथा को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। मंचन से पहले मुख्य अतिथियों और रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने रामायण की आरती की। इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष सुधीर गुप्ता, महामंत्री उमेश चंद्र केसरवानी, कोषाध्यक्ष अश्वनी केसरवानी, उपाध्यक्ष विनोद केसरवानी, आनंद अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, मंत्री शिव बाबू गुप्ता, महेश चंद्र गुप्ता, विपुल मित्तल, कार्यकारिणी सदस्य दिलीप चौरसिया, मीडिया प्रभारी डॉ. पवन प्रजापति, रेनू राज सिंह और आलोक गुप्ता सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग और दर्शक मौजूद रहे।

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