कविता आत्महत्या मामले में पति-देवर को 8 साल की सजा:चार साल पुराने मामले में अदालत ने सुनाया फैसला, 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
सोनभद्र में करीब चार साल पहले प्रताड़ना से तंग आकर कविता की खुदकुशी के मामले में अदालत ने उसके पति और देवर को दोषी ठहराया है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्ल्यू बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने शनिवार को दोनों को आठ-आठ साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन-तीन महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। शादी के बाद पति और देवर पर प्रताड़ित करने का आरोप अभियोजन पक्ष के मुताबिक, ओबरा थाना क्षेत्र के अरंगी गांव निवासी लीलावती पत्नी राम सनिही ने 12 सितंबर 2022 को ओबरा थानाध्यक्ष को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि करीब दो साल पहले उनकी 21 वर्षीय बेटी कविता की शादी खैरटिया गांव निवासी भगवान दास के बेटे बसंत गोड़ से हुई थी। आरोप था कि ससुराल जाने के बाद से ही कविता का पति बसंत गोड़ और उसका देवर अमित गोड़ उसे प्रताड़ित करने लगे। वे मायके वालों का भी सम्मान नहीं करते थे। प्रताड़ना से परेशान होकर कविता ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सूचना मिलने पर जब परिजन पहुंचे तो शव सड़क पर रखा हुआ था। लीलावती ने अपने दामाद बसंत गोड़ और उसके भाई अमित गोड़ पर बेटी को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। विवेचना के बाद दाखिल हुई थी चार्जशीट तहरीर के आधार पर ओबरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। आठ गवाहों के बयान के आधार पर सुनाई सजा मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं और आठ गवाहों के बयान के साथ पत्रावली का अवलोकन किया। इसके बाद पति बसंत गोड़ और देवर अमित गोड़ को दोषी ठहराते हुए आठ-आठ साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने पैरवी की।
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