क्यूबा में भारत के राजदूत-बनने के बाद गांव पहुंचे हंसराज:छोटी बहन शर्मीला भी साथ रहीं, ताऊ राजपाल सिंह से मिले और ग्रामीणों ने जताया गर्व
क्यूबा में भारत के राजदूत नियुक्त होने के बाद हंसराज सिंह वर्मा गुरुवार शाम करीब 4 बजे पहली बार अपने पैतृक गांव पाली आनंदगढ़ी पहुंचे। उनके साथ उनकी छोटी बहन शर्मीला भी थीं। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। गांव के बेटे को विदेश में महत्वपूर्ण कूटनीतिक जिम्मेदारी मिलने पर लोगों में उत्साह दिखाई दिया। इस दौरान हंसराज सिंह वर्मा ने गांव में रह रहे अपने ताऊ राजपाल सिंह के साथ भी काफी समय बिताया। गांव के बेटे की उपलब्धि पर ग्रामीणों में खुशी पाली आनंदगढ़ी के मूल निवासी हंसराज सिंह वर्मा ने भारतीय विदेश सेवा (IFS) में शामिल होकर देश सेवा का मार्ग चुना। क्यूबा में भारत के राजदूत के रूप में उनकी नियुक्ति से गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने उनकी उपलब्धि को पूरे गांव के लिए गर्व का विषय बताया। लोगों का कहना है कि गांव में पले-बढ़े व्यक्ति का विदेश में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले महत्वपूर्ण पद तक पहुंचना युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनकी सफलता से युवाओं को मेहनत, लगन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने की सीख मिलती है। भारत-क्यूबा संबंधों को मजबूत करने की जिम्मेदारी क्यूबा में भारत के राजदूत के रूप में हंसराज सिंह वर्मा भारत और क्यूबा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, व्यापारिक सहयोग बढ़ाने और कूटनीतिक रिश्तों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। वर्तमान में उनका आवास फरीदाबाद में है। गांव पहुंचने पर लोगों ने उनका अभिनंदन किया और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। किसान नेता और कांग्रेस पदाधिकारी भी रहे मौजूद स्वागत के दौरान किसान यूनियन के नेता मांगे राम त्यागी, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष हिमाचल चौधरी, अजीत चौधरी, हेमराज सिंह समेत दर्जनों ग्रामीण और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने हंसराज सिंह वर्मा को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनकी उपलब्धि से गांव का नाम देश-विदेश में और ऊंचा होगा।
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