लालगंज में ऐतिहासिक भरत मिलाप, देख भावुक हुए श्रद्धालु:चौदह वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम अयोध्या लौटे, श्रद्धालुओं को भावविभोर; रातभर निकलीं झांकियां, नगर रोशनी से जगमगाया
प्रतापगढ़ जिले के लालगंज नगर में सोमवार की रात ऐतिहासिक भरत मिलाप समारोह धार्मिक आस्था, उल्लास और भाईचारे के रंग में रंगा नजर आया। नगर पंचायत लालगंज के बाजार में आयोजित समारोह में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। रामायण काल के प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियों, रंग-बिरंगी विद्युत सजावट और भक्ति गीतों ने पूरे नगर का माहौल भक्तिमय बना दिया। देर रात तक सड़कों, चौक-चौराहों और बाजारों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। आयोजन का सबसे भावुक क्षण मंगलवार सुबह करीब चार बजे इंदिरा चौक पर आया, जब भगवान राम और भरत के स्वरूपों का मिलन हुआ। इस दृश्य को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा क्षेत्र जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। सोमवार शाम ढलते ही लालगंज नगर की गलियों, बाजारों और प्रमुख चौराहों पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। जैसे-जैसे रात आगे बढ़ी, भीड़ बढ़ती गई। कई स्थानों पर सड़कों पर पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। आसपास के गांवों और दूर-दराज के कस्बों से लोग परिवार के साथ भरत मिलाप देखने पहुंचे। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों में समारोह को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालु घंटों इंतजार कर झांकियों के दर्शन करते रहे। तस्वीरें देखिए - विद्युत सजावट से जगमगाया पूरा नगर भरत मिलाप के अवसर पर लालगंज नगर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रायबरेली रोड, कालाकांकर रोड, बाबा घुइसरनाथ धाम रोड और प्रतापगढ़ रोड पर विद्युत सजावट की गई थी। शाम करीब छह बजे के बाद डिजिटल लाइटिंग की रंग-बिरंगी रोशनी से नगर जगमगा उठा। बाजारों और प्रमुख चौराहों पर की गई सजावट लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। दुकानों और घरों की छतों से दिखाई देती रोशनी ने समारोह की भव्यता बढ़ा दी। इंदिरा चौक की सजावट विशेष रूप से लोगों को आकर्षित करती रही। यहां से गुजरने वाले श्रद्धालु कुछ देर रुककर सजावट और झांकियों को निहारते नजर आए। रामदरबार की झांकी से शुरू हुआ समारोह समारोह का आगाज रामदरबार की झांकी के साथ हुआ। इसके बाद देर रात तक नगर में विभिन्न दलों की झांकियां निकाली गईं। रामदल, भरत दल, हनुमान दल और लवकुश दल की झांकियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। झांकियों में भगवान श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण, हनुमान और भरत के स्वरूपों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कलाकारों ने नृत्य, गीत और लोकसंगीत की प्रस्तुतियों से वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह बजते भक्ति गीतों और जय श्रीराम के नारों से नगर का माहौल उत्सवमय बना रहा। झांकियों को देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग खड़े रहे। जब नीचे जगह नहीं मिली तो कई लोग अपने घरों और दुकानों की छतों पर पहुंच गए। महिलाएं बच्चों को गोद में उठाकर झांकियों के दर्शन कराती रहीं। अनेक श्रद्धालु हाथ जोड़कर भगवान के स्वरूपों का अभिवादन करते दिखाई दिए। पूरी रात नगर में धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। आरती-पूजन कर श्रद्धालुओं ने प्रकट की आस्था युवा श्री नव दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में भगवान श्रीराम, माता जानकी और हनुमान की आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। रामदल के संस्थापक डॉ. रविकांत कौशल, अध्यक्ष राज केसरवानी, अजय कुशवाहा, राहुल सिंह, रवि कुमार गुप्ता, राज केशरवानी, रोहन कौशल, वैभव मोदीवाल, आदेश कौशल, संदीप मोदीवाल, मुदित कौशल, अतुल गुप्ता, अंकुर मोदीवाल, आदर्श कौशल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। समिति के अध्यक्ष मोहित कौशल, महामंत्री दयाशंकर पटवा और संरक्षक राजा शुक्ला, समाजसेवी जय कौशल, चंदन कौशल समेत कई समाजसेवियों ने भी आरती में शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट की। सुबह चार बजे राम-भरत मिलन ने भावुक किया पूरे आयोजन का सबसे भावुक दृश्य मंगलवार भोर करीब चार बजे इंदिरा चौक पर देखने को मिला। चौदह वर्षों के वनवास के बाद भगवान राम की वापसी और भाई भरत से उनके मिलन की लीला का मंचन किया गया। जैसे ही राम और भरत के स्वरूप एक-दूसरे के गले मिले, हजारों श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कई लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
यह दृश्य भाईचारे, प्रेम, त्याग और पारिवारिक संबंधों की महत्ता का संदेश दे रहा था। चारों भाइयों के मिलन की लीला ने श्रद्धालुओं को रामायण के उस प्रसंग की याद दिलाई, जिसमें भरत अपने बड़े भाई राम की वापसी की प्रतीक्षा करते हैं। श्रद्धालु इस क्षण को अपने मोबाइल फोन में कैद करते नजर आए। सुबह तक चले आयोजन में धार्मिक आस्था और भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस रही मुस्तैद भरत मिलाप समारोह में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। नगर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। लालगंज के सीओ राजीव द्विवेदी, कोतवाल आलोक कुमार, उदयपुर थाना प्रभारी दीप नारायण फोर्स के साथ मौजूद रहे, थाना सांगीपुर से एसआई विजय कुमार, एसएसआई अरुण सिंह की टीम के नेतृत्व में पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रहे। पुलिस बल के साथ पीएसी के जवान भी तैनात रहे। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के साथ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने नगर में भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। भीड़ को नियंत्रित रखने और आवागमन सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन की व्यवस्था के जरिए भीड़भाड़ को संभालने का प्रयास किया गया।
सेवा शिविरों के जरिए श्रद्धालुओं की मदद भरत मिलाप समारोह के दौरान नगर के समाजसेवी संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की। जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए, जहां श्रद्धालुओं के लिए जलपान और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। लोगों ने आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं की सहायता की। स्थानीय लोगों का कहना था कि भरत मिलाप लालगंज की धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर वर्ष इस आयोजन को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। युवाओं ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग किया, जबकि बुजुर्ग श्रद्धालु परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना और झांकियों के दर्शन करते रहे। धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश लालगंज का ऐतिहासिक भरत मिलाप केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने प्रेम, त्याग, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया। समारोह में अलग-अलग वर्गों के लोगों की भागीदारी देखने को मिली। विद्युत सजावट से जगमगाता नगर, रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियां, भक्ति गीत और सुबह चार बजे हुआ राम-भरत मिलन लोगों के लिए यादगार बन गया। पूरे आयोजन ने लालगंज की सांस्कृतिक परंपरा और धार्मिक विरासत को एक बार फिर जीवंत किया। ये लोग रहे मौजूद समारोह में संयुक्त अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष विकास मिश्रा, रमेशचंद्र कौशल, अध्यापक विकास पांडेय, श्याम संवरिया, अखिलेश, रवि मोदनवाल, आकाश कौशल, अजय कुशवाहा, अखिलेश सिंह, चंदन कौशल, शिव कुमार जायसवाल, संदीप सोनी, पिंटू अग्रहरि, रोहित जायसवाल, रोहन कौशल, राज केसरवानी, आदेश कौशल, मानस मिश्रा, ऋषभ त्रिपाठी, आदित्य जायसवाल, मनीष सिंह, राहुल जायसवाल, तेजस मिश्रा, बृजलाल गुप्ता और विपिन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। ------------------ ये खबर भी पढ़ें… चलती स्कॉर्पियो में शीशे नीचे कर आकर्षित करती थी श्रद्धा; ड्राइवर ने खोले राज लखनऊ के हजरतगंज में हुए शिवा हत्याकांड में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब श्रद्धा दुबे की स्कॉर्पियो चलाने वाले ड्राइवर ने उसके ट्रैप करने का खुलासा किया है। उसने बताया है कि श्रद्धा किस तरह देर रात तैयार होकर पार्टी के लिए निकलती थी। मंहगे कैफे और क्लबों में जाकर रईसजादों से दोस्ती करती। पढ़िए पूरी खबर
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