लेखपाल पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप:अलीगढ़ की कोल तहसील के लेखपाल पर आरोप, रुपये लेकर भी नहीं लगाई रिपोर्ट, एसडीएम ने तहसीलदार को सौंपी जांच
तहसील कोल में पैतृक जमीन के अंश निर्धारण, पैमाइश और सीमांकन से जुड़े मामले में संबंधित लेखपाल पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेने और करीब तीन महीने तक रिपोर्ट लंबित रखने का आरोप लगा है। सासनी गेट निवासी अशोक कुमार ने जिलाधिकारी से शिकायत कर मामले की उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम कोल गजेंद्र सिंह ने मामले की जांच तहसीलदार को सौंप दी है।
विपक्षी के वाद दायर करने के बाद लगाई रिपोर्ट
शिकायतकर्ता अशोक कुमार के मुताबिक, ग्राम गुरुसिकरण और नगला कूतिया स्थित उनकी पैतृक भूमि के अंश निर्धारण और सीमांकन की कार्यवाही में लेखपाल ने निर्धारित समय पर रिपोर्ट नहीं लगाई। आरोप है कि एसडीएम कोल ने करीब तीन महीने पहले समय से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद 21 सितंबर 2026 को रिपोर्ट लगाई गई। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया कि विपक्षी पक्ष की ओर से 17 सितंबर को वाद दायर किए जाने के बाद ही चार दिन में रिपोर्ट क्यों लगाई गई।
रिश्वत के आरोप में रिकॉर्डिंग होने का दावा
अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि भूमि संबंधी कार्यवाही के लिए लेखपाल ने उनसे 10 हजार रुपये लिए, लेकिन इसके बावजूद काम समय से नहीं किया। शिकायतकर्ता का दावा है कि रुपये के लेनदेन से संबंधित बातचीत की रिकॉर्डिंग उनके पास है, जिसे वह जांच अधिकारी के सामने प्रस्तुत करने को तैयार हैं।
उन्होंने जिलाधिकारी से लेखपाल की रिपोर्ट के आधार और निष्पक्षता की जांच कराने, अपना बयान दर्ज करने तथा उपलब्ध साक्ष्यों को जांच में शामिल करने की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जांच किसी ऐसे वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए, जो संबंधित लेखपाल की प्रत्यक्ष अधीनता में न हो। आरोपों की पुष्टि होने पर विभागीय और भ्रष्टाचार संबंधी वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
एसडीएम कोल गजेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत के मामले में जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लेखपाल पर लगाए गए रिश्वत लेने और जानबूझकर देरी करने के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
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