लखनऊ के शिया पीजी कॉलेज में गांधी जयंती मनाई गई:गांधी दर्शन, सामाजिक समरसता और युवा पीढ़ी पर हुई चर्चा
लखनऊ के शिया पीजी कॉलेज में गांधी जयंती के अवसर पर गांधी दर्शन, सामाजिक समरसता और युवा पीढ़ी विषय पर तीन चरणों में कार्यक्रम हुए। कॉलेज के विभागों, एनएसएस, एनसीसी और विधिक सहायता केंद्र की ओर से कार्यक्रमों में वक्ताओं ने गांधी जी के विचारों को जीवन में अपनाने की अपील की। पहले चरण में के.हॉल में महात्मा गांधी के चित्र पर प्राचार्य प्रो. एस.एस.आर. बाकरी ने माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि गांधीवाद सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन, सामाजिक समरसता और मानव सेवा पर आधारित जीवन दर्शन है। नैतिक आचरण के साथ जीवन जीने की प्रेरणा सूचना अधिकारी डॉ. अजयवीर ने कहा कि गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश आज भी समाज को शांति और सद्भाव की दिशा देता है। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुधाकर वर्मा ने कहा कि गांधी दर्शन केवल इतिहास का विषय नहीं है। यह सत्य, सेवा और नैतिक आचरण के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। दूसरे चरण में विधिक सहायता केंद्र, विधि संकाय की ओर से जस्टिस फातिमा बीवी स्मार्ट क्लास में ‘गांधी दर्शन एवं सामाजिक समरसता’ विषय पर संगोष्ठी हुई। शुरुआत गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। वक्ता बोले- गांधी जी के विचारों से न्यायपूर्ण समाज बनाया जा सकता है मुख्य वक्ता डॉ. छत्रपाल ने कहा कि गांधी दर्शन सामाजिक भेदभाव खत्म कर समानता, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश देता है। विधिक सहायता केंद्र के निदेशक डॉ. वहीद आलम ने कहा कि संविधान के मूल्यों और गांधी जी के सामाजिक समरसता के विचारों को साथ लेकर न्यायपूर्ण और समावेशी समाज बनाया जा सकता है। उप निदेशक डॉ. उग्रसेन वर्मा ने गांधीवादी मूल्यों पर विचार रखे। कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक एवं सूचना अधिकारी डॉ. अजयवीर,प्राचार्य प्रो. एस.एस.आर. बाकरी, विधि संकाय के शिक्षक, एनएसएस अधिकारी और छात्राएं शामिल हुईं। तीसरे चरण में एनएसएस और एनसीसी नेवल एवं आर्मी विंग के सहयोग में ‘गांधीवादी विचारधारा एवं युवा पीढ़ी’ विषय पर संगोष्ठी हुई। डॉ. सुधाकर वर्मा ने कहा कि गांधीवादी विचार युवाओं को अनुशासन, सेवा, सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
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