ललितपुर में गणपति बप्पा को दी गई विदाई:डीजे पर झूमे श्रद्धालु, गोविंद सागर बांध और सीता पाठ घाट पर मूर्तियां विसर्जित
ललितपुर में शुक्रवार को गणेश विसर्जन की धूम रही। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान गणेश की मूर्तियों को विदा कर रहे थे। 11 दिन की सेवा के बाद मूर्तियों के विसर्जन के लिए गोविंद सागर बांध के पूछा स्थल और सीता पाठ के घाटों पर पहुंचे। यहां महाआरती के बाद प्रसाद बांटकर गणेश जी को विदाई दी गई। शहर में सीता पाठ और हाईवे स्थित गोविंद सागर बांध के पूछा स्थल पर बने जल कुंड में विसर्जन किया गया। शहर भर से करीब 500 से ज्यादा गणेश मूर्तियों का विसर्जन हुआ। हालांकि, हर साल की तरह इस साल भी गोविंद सागर बांध में सीधे विसर्जन पर प्रतिबंध था। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया था। घाट पर गोताखोर ही मूर्तियों का विसर्जन कर रहे थे। वहीं, छोटे-छोटे बच्चे नम आंखों से भगवान को विदा कर रहे थे। वे मनोकामना कर रहे थे कि अगले वर्ष भगवान गणेश जल्दी वापस आएं। इस दौरान पूरा शहर गणेशमय नजर आया। एक श्रद्धालु ने बताया कि आज उत्साह और धूमधाम के साथ गणेश जी का विदाई समारोह है। एक तरफ खुशी का माहौल है, तो दूसरी ओर लोग मायूस हैं। क्योंकि 11 दिन की सेवा के बाद उन्हें विदा देनी पड़ रही है। हर कोई चाहता है कि जीवन भर उनकी ऐसे ही सेवा करते रहें। उन्होंने 'मोरया' शब्द का महत्व भी बताया। कहा कि भक्त मोरया ने गणेश जी से दर्शन देने की प्रार्थना की थी। इसके बाद गणेश जी ने दर्शन दिए और कहा था कि आज से जो भक्त मेरी पूजा करेगा, उसका नाम मेरे साथ जरूर जोड़ा जाएगा।
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