ललितपुर में विस्थापित किसानों का आंदोलन जारी:सिंचाई विभाग कार्यालय पर मुआवजे की मांग को लेकर चल रहा है 3 दिनों से धरना
ललितपुर कचनौदा बांध परियोजना से प्रभावित ग्राम भरौनी के विस्थापित किसानों का सिंचाई विभाग कार्यालय के सामने चल रहा अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। करीब 30 से अधिक किसान 17 अक्टूबर से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। सोमवार दोपहर 12 बजे धरने पर बैठे किसानों ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि प्रभावित और विस्थापित परिवारों को नियमानुसार पुनर्वास का लाभ दिया जाए और उनके रहने व आजीविका की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसानों का कहना है कि परियोजना में अधिग्रहित की गई भूमि पर स्थित कुएं, मकान, पेड़-पौधे, सिंचाई के साधन और अन्य अचल संपत्तियों का नियमानुसार सर्वेक्षण और मूल्यांकन कराकर उचित मुआवजा दिलाया जाए। अगर किसी संपत्ति का मूल्यांकन छूट गया है तो उसका पुन: सर्वेक्षण कराया जाए। धरने पर बैठे किसानों ने मांग की कि प्रभावित किसानों की आबादी की भूमि और उस पर बने मकानों व अन्य संरचनाओं के संबंध में राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाए और पात्र परिवारों को मुआवजा व पुनर्वास का लाभ दिया जाए। किसानों ने बताया कि कई परिवारों की संपूर्ण कृषि भूमि परियोजना में चले जाने से वह भूमिहीन हो गए हैं। ऐसे में उनके परिवारों की आजीविका और भविष्य की सुरक्षा को देखते हुए नियमानुसार पुनर्वास, पात्रता के अनुसार सहायता और आजीविका के वैकल्पिक साधनों की व्यवस्था की जाए। ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा।
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