LU में सरस्वती प्रतिमा के सामने छात्रों ने किया हवन:कुलपति, DSW और चीफ प्रोवोस्ट को सद्बुद्धि देने की कामना; 5वें दिन भी धरना जारी
लखनऊ विश्वविद्यालय में हॉस्टल में रूम देने की प्रक्रिया में धांधली के विरोध में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। महानवमी के अवसर पर धरनारत छात्रों ने हवन-पूजन किया। उन्होंने आहुतियां देकर कुलपति, छात्र कल्याण अधिष्ठाता (DSW) और चीफ प्रोवोस्ट को सद्बुद्धि देने की कामना की। छात्रों का कहना है कि अच्छी मेरिट और अंक होने के बावजूद उन्हें छात्रावास नहीं मिल रहा है। खाली सीटों के आवंटन का आधार सार्वजनिक करने की मांग पर भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि हम 5 दिन से यहां लगातार धरना दे रहे हैं लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है। 19वीं रैंक, फिर भी छात्रावास नहीं उन्नाव के पुरनखेड़ा, त्रिपुरारपुर निवासी कार्तिकेय पटेल ने एमए लोक प्रशासन में 19वीं रैंक हासिल की है। इसके बावजूद उन्हें छात्रावास आवंटित नहीं हुआ। वहीं, प्रयागराज के झलवा-दादानपुर निवासी दिव्यांश पांडेय की बीए में 661वीं रैंक है। उनका घर विश्वविद्यालय से करीब 200 किलोमीटर दूर है, फिर भी उन्हें छात्रावास नहीं मिला। 2 साल हॉस्टल में रह चुके फिर भी नहीं मिला कमरा एमए प्रथम वर्ष के अनुराग सिंह तोमर का कहना है कि वह स्नातक की पढ़ाई के दौरान दो साल छात्रावास में रह चुके हैं और 75 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बावजूद इस बार उन्हें कमरा नहीं मिला। उनका दावा है कि वह तीन महीने से छात्रावास के लिए चक्कर लगा रहे हैं। उनके खिलाफ कोई नोटिस या प्राथमिकी भी नहीं है। बिहार से आए छात्र से कहा- इतनी दूर से आए ही क्यों बिहार के सीवान जिले के महाराजगंज क्षेत्र से बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई करने आए प्रांजल उपाध्याय ने आरोप लगाया कि छात्रावास के लिए आग्रह करने पर उनसे कथित तौर पर कहा गया, ‘तुम इतने दूर से आए ही क्यों।’ प्रांजल का कहना है कि विश्वविद्यालय सबका है। दूर-दराज से पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों को भी समान अवसर मिलना चाहिए। छात्रों ने इस कथित टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। खाली सीटों के आवंटन का आधार सार्वजनिक करने की मांग छात्रों ने राज्यपाल से शिकायत कर आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आधिकारिक आवंटन सूची जारी होने के बाद खाली बची और प्रवेश निरस्त होने से खाली हुई सीटों के आवंटन का आधार सार्वजनिक किया जाए। सीधे प्रवेश वाले करीब 50 पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास आवंटन के मानक भी स्पष्ट किए जाएं। धरने में करीब 50 विद्यार्थी शामिल छात्रों की मांग है कि हॉस्टल वार और पाठ्यक्रमवार आवंटन सूची विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाए। धरने में नवीन और मुख्य परिसर के छात्रावासों की स्थिति के साथ मेस की अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया। छात्र रिशेंद्र प्रताप सिंह ने दावा किया कि धरने में करीब 50 विद्यार्थी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि छात्रावास आवंटन में पारदर्शिता और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा।
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