रूस के ‘हाइब्रिड खतरे’ पर मैक्रों की चेतावनी, फ्रांस में बढ़ाई गई सुरक्षा

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस से जुड़े कथित बढ़ते हाइब्रिड खतरे को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और रक्षा से जुड़े संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है। संभावित ड्रोन और साइबर हमलों से बचाव के लिए नई सुरक्षा योजना तैयार की जाएगी। साथ ही, फ्रांस ने यूक्रेन को समर्थन जारी रखने की बात कही है।

Sep 19, 2026 - 15:12
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रूस के ‘हाइब्रिड खतरे’ पर मैक्रों की चेतावनी, फ्रांस में बढ़ाई गई सुरक्षा

दि राइजिंग न्यूज | फ्रांस | 19 सितंबर 2026

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूरोप और फ्रांस के सामने बढ़ते कथित रूसी हाइब्रिड खतरे को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने सरकार को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और रक्षा उद्योग से जुड़े संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा के लिए विशेष योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें संभावित ड्रोन और साइबर हमलों से सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

मैक्रों ने बढ़ाई सतर्कता

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 18 सितंबर को पेरिस स्थित एलिसी पैलेस में राजनीतिक दलों के नेताओं और राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवारों के साथ बैठक की। इस बैठक में यूक्रेन युद्ध और उससे जुड़े यूरोप के सुरक्षा हालात पर चर्चा हुई। मैक्रों ने कहा कि हाल के सप्ताहों में फ्रांस और यूरोप के सामने रूसी हाइब्रिड खतरा बढ़ा है। मैक्रों के अनुसार, रूस से जुड़ी गतिविधियों में साइबर हमले, ड्रोन गतिविधियां, सूचना संबंधी अभियान और दूसरी तरह की हस्तक्षेपकारी कार्रवाइयां शामिल हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों की सुरक्षा स्थिति बदल रही है और इस चुनौती को गंभीरता से लेने की जरूरत है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि इन परिस्थितियों के बीच फ्रांस यूक्रेन को अपना समर्थन जारी रखेगा।

महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की होगी सुरक्षा

मैक्रों ने फ्रांसीसी सरकार को देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए एक विशेष योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें रक्षा उद्योग और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े बेहद संवेदनशील ठिकानों को भी शामिल किया जाएगा। इन स्थानों को संभावित ड्रोन और साइबर हमलों से बचाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है। फ्रांस की सरकार ने सुरक्षा और सतर्कता का स्तर बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। फ्रांसीसी गृह मंत्री ने क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित खतरों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की। इसके साथ ही विदेशी हस्तक्षेप और साइबर हमलों से सुरक्षा मजबूत करने के प्रयास भी जारी रखने की बात कही गई है।

क्या होता है हाइब्रिड हमला

हाइब्रिड हमले का मतलब केवल किसी देश पर पारंपरिक सैन्य हमला करना नहीं होता। इसमें साइबर हमले, तोड़फोड़, जासूसी, ड्रोन गतिविधियां, गलत सूचना फैलाना और राजनीतिक या लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप जैसी अलग-अलग गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। यूरोपीय संस्थाएं भी रूसी हाइब्रिड गतिविधियों के संदर्भ में इन तरह के तरीकों का उल्लेख करती रही हैं। ऐसी गतिविधियों की पहचान और उनके पीछे किसी देश की भूमिका तय करने के लिए अलग-अलग मामलों में उपलब्ध सबूतों और जांच को देखना जरूरी होता है। मैक्रों ने हाल की कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यूरोप में सुरक्षा चुनौतियों का स्वरूप बदल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से साइबर हमलों और ड्रोन से जुड़े खतरों को लेकर सतर्क रहने पर जोर दिया।

यूरोप की कई घटनाओं के बाद बढ़ी चिंता

मैक्रों ने यूरोप में हाल की कई सुरक्षा घटनाओं का उल्लेख किया। इनमें जर्मनी के लीपजिग हवाई अड्डे से जुड़ी ड्रोन घटना और कई यूरोपीय देशों के हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ जैसी घटनाएं शामिल हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि इन घटनाओं से यूरोपीय देशों के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौती की गंभीरता का पता चलता है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के सप्ताहों में फ्रांस भी साइबर और सूचना संबंधी हमलों का सामना कर चुका है। उन्होंने कहा कि देश ने विदेशी हस्तक्षेप और साइबर खतरों से निपटने के लिए पहले से कई व्यवस्थाएं विकसित की हैं। अब बढ़ते खतरे के बीच सुरक्षा और सतर्कता को और मजबूत करने की तैयारी की जा रही है।

यूक्रेन के समर्थन से पीछे नहीं हटेगा फ्रांस

मैक्रों ने रूस से जुड़े कथित हाइब्रिड खतरों के बावजूद यूक्रेन के समर्थन को जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों को डराने या यूक्रेन के समर्थन को कमजोर करने की किसी भी कोशिश से फ्रांस की नीति नहीं बदलेगी। उन्होंने यूरोप की वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा को यूक्रेन की स्थिति से जोड़कर देखा। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ऐसी गतिविधियों का जवाब दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने संभावित जवाब की पूरी रणनीति सार्वजनिक नहीं की। फ्रांस की ओर से फिलहाल मुख्य जोर महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, रक्षा से जुड़े संवेदनशील ठिकानों और साइबर व्यवस्था की सुरक्षा मजबूत करने पर है।

यूरोप की सुरक्षा पर बढ़ा दबाव

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूरोपीय देशों में साइबर सुरक्षा, ड्रोन गतिविधियों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। फ्रांस का नया सुरक्षा कार्यक्रम इसी व्यापक क्षेत्रीय चिंता के बीच तैयार किया जा रहा है। मैक्रों ने राजनीतिक दलों के नेताओं को सुरक्षा स्थिति की जानकारी देकर इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर सतर्कता बढ़ाने का संकेत दिया है। फ्रांस ने विदेशी हस्तक्षेप से निपटने और साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए पहले से चल रहे प्रयासों को भी तेज करने की बात कही है। आने वाले समय में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा, ड्रोन से बचाव और साइबर हमलों को रोकने की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 

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