मैनपुरी में साइबर ठगों पर पुलिस का प्रहार:पुलिस अधिकारी बनकर डराएं तो न घबराएं, मैनपुरी पुलिस ने बताया साइबर ठगों से बचने का तरीका
मैनपुरी में साइबर ठगों के जाल में फंसकर कहीं आपकी जिंदगीभर की कमाई एक झटके में खाते से गायब न हो जाए। कभी डिजिटल अरेस्ट का डर, कभी घर बैठे मोटी कमाई का लालच तो कभी नौकरी और लॉटरी के नाम पर झांसा देकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में लोगों को साइबर अपराधियों के हथकंडों से बचाने के लिए मैनपुरी पुलिस ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और बैंकों सहित सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बता रही है। पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाता है साइबर अपराधी लोगों को डराने और लालच देने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कई मामलों में पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर फोन किया जाता है। इसके बाद किसी अपराध में शामिल होने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट की बात कही जाती है और पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी व्यवस्था नहीं है। यह लोगों को डराकर ठगी करने का तरीका है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर घबराकर पैसे ट्रांसफर न करें और न ही बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करें। साइबर जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को संदिग्ध लिंक, फर्जी नौकरी, लॉटरी और घर बैठे मोटी कमाई के ऑफर से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। ठग आकर्षक संदेश भेजकर लोगों से लिंक खुलवाते हैं या उनकी निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। पुलिस ने लोगों से कहा है कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की सत्यता की जांच किए बिना उस पर भरोसा न करें।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)