ममता बनर्जी ने किया सीजेपी का समर्थन, अब 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन!
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है। ममता बनर्जी ने युवा और छात्र आंदोलन के समर्थन की बात कही। इससे पहले आम आदमी पार्टी और वामपंथी समूहों की ओर से भी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए गए हैं।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 3 अक्टूबर 2026
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन का समर्थन किया है। दिल्ली से लौटने के बाद कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने सीजेपी, युवाओं और छात्रों के आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया। ममता बनर्जी ने कथित ज्यादतियों को रोकने की अपील भी की। ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली और मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए हैं। दो अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में सीजेपी की ओर से प्रदर्शन किया गया था, जबकि दिल्ली में आम आदमी पार्टी, वामपंथी छात्र समूहों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने भी प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनों में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
आम आदमी पार्टी और अन्य समूह भी प्रदर्शन में शामिल
दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी और वामपंथी छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए गए। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर जाने से रोकने के लिए कार्रवाई की और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया। ममता बनर्जी के समर्थन के अलावा, सीजेपी के आंदोलन को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और संगठनों से जुड़े नेताओं की भागीदारी भी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों में आम आदमी पार्टी और वामपंथी समूहों की दिल्ली में मौजूदगी की पुष्टि होती है। वहीं, सीजेपी से जुड़े प्रदर्शनों में कई सामाजिक और सार्वजनिक हस्तियों के शामिल होने की भी खबरें सामने आई हैं।
10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान
मुंबई के प्रदर्शन के बाद अभिजीत दिपके ने घोषणा की है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर दोबारा बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। दिपके ने देशभर से समर्थकों के दिल्ली पहुंचने की अपील की है। उन्होंने इस आंदोलन को शांतिपूर्ण बताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर पेश किया है। दिपके ने अपने बयान में कहा है कि आंदोलन में महात्मा गांधी के बताए शांतिपूर्ण रास्ते को अपनाया जाएगा। सीजेपी की ओर से कहा गया है कि संगठन चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर अपनी मांगों को आगे बढ़ाएगा। दस अक्टूबर का प्रस्तावित प्रदर्शन इसी आंदोलन की अगली कड़ी बताया जा रहा है।
सीजेपी की प्रमुख मांगें
सीजेपी की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग शामिल है। संगठन ने मतदाता सूचियों से जुड़े बदलावों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। इसके अलावा सीजेपी की ओर से चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित कानून में बदलाव की मांग भी रखी गई है। अभिजीत दिपके और सीजेपी से जुड़े नेताओं ने कई राज्यों की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और नए नाम जोड़े जाने के आरोप लगाए हैं। इन दावों को लेकर संगठन ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन आरोपों में से कई की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इन्हें संगठन के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
मतदाता सूची को लेकर लगाए गए आरोप
सीजेपी की ओर से दावा किया गया है कि अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूचियों में बदलाव का चुनावी परिणामों पर असर पड़ा है। संगठन ने दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों का उल्लेख किया है। हालांकि, इन दावों और चुनाव परिणामों के बीच सीधे संबंध की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन आरोपों को तथ्य के बजाय सीजेपी के पक्ष के रूप में प्रस्तुत किया जाना जरूरी है।सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मतदाता सूची से करोड़ों नाम हटाए जाने का दावा भी किया है। उन्होंने महाराष्ट्र के अलावा दिल्ली, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से जुड़े कई आंकड़े सामने रखे हैं। चुनावी प्रक्रिया को लेकर संगठन इन आंकड़ों के आधार पर सवाल उठा रहा है, लेकिन इन सभी आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आंदोलन का अगला चरण क्या होगा
सीजेपी ने दो अक्टूबर के मुंबई प्रदर्शन के बाद अब दिल्ली में आंदोलन का अगला चरण घोषित किया है। संगठन के अनुसार, दस अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा और इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से समर्थकों के पहुंचने की उम्मीद है। इस घोषणा के बाद चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।फिलहाल ममता बनर्जी के समर्थन, आम आदमी पार्टी और वामपंथी समूहों की भागीदारी तथा सीजेपी की आगामी दिल्ली गतिविधियों ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, सीजेपी द्वारा लगाए गए मतदाता सूची संबंधी आरोपों और उनके चुनावी परिणामों पर प्रभाव के दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया जाना बाकी है।
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