मानसिक रूप से कमजोर युवक पर शराब बेचने आरोप:गोंडा में 10 लीटर कच्ची शराब के साथ पकड़ा दिखाया, 2 साल बाद वारंट पहुंचने पर खुलासा
गोंडा के तरबगंज थाना क्षेत्र में मानसिक रूप से कमजोर युवक के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। बनगांव निवासी अंकित के परिवार का आरोप है कि वह अपना नाम-पता तक ठीक से नहीं बता सकता, इसके बावजूद पुलिस ने उसे अवैध शराब बेचने के मामले में आरोपी बना दिया। परिवार को इसकी जानकारी करीब दो साल बाद न्यायालय का वारंट घर पहुंचने पर हुई। अब युवक के भाई ने पुलिस से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। परिवार का कहना है कि इस संबंध में पहले जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत की गई थी। सोमवार सुबह करीब 10 बजे परिवार ने एक बार फिर पुलिस के सामने अपनी बात रखी। शिकायत में पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी से जुड़े दस्तावेजों पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं, थाना प्रभारी का कहना है कि मामला दो साल पुराना है और इसकी जांच की जा रही है। मानसिक रूप से कमजोर होने का दावा बनगांव निवासी अंकुर ने जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत में बताया कि उसका भाई अंकित मानसिक रूप से पूरी तरह कमजोर है। वह अपनी बात ठीक से समझाने के साथ ही अपना नाम और पता तक बताने में असमर्थ है। इसके बावजूद 26 जून 2024 को तरबगंज थाने में उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। यह कार्रवाई उपनिरीक्षक उमेश कुमार वर्मा की तहरीर पर की गई थी। बरामदगी की फर्द पर उठाए सवाल शिकायतकर्ता के अनुसार, पुलिस की ओर से तैयार बरामदगी की फर्द में अंकित को 10 लीटर कच्ची शराब के साथ पकड़े जाने का दावा किया गया है। दस्तावेज में यह भी दर्ज होने की बात कही गई है कि पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध स्वीकार किया और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए शराब का कारोबार करने की बात बताई। परिवार ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। वारंट पहुंचने पर परिवार को हुई जानकारी परिवार के मुताबिक, मुकदमा दर्ज होने के समय उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद जब पुलिस घर पहुंची, तब उन्हें मामले का पता चला। इसके बाद अंकुर ने शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया कि उसके भाई को गलत तरीके से मुकदमे में फंसाया गया है। परिवार का कहना है कि अंकित की मानसिक स्थिति को देखते हुए पुलिस की कार्रवाई और दर्ज किए गए बयानों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। थाना प्रभारी बोले- जांच की जा रही तरबगंज थाना प्रभारी श्रीधर पाठक ने सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे बताया कि मामला दो साल पुराना है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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