मदरसा प्रधानाचार्य के 5 शैक्षिक प्रमाणपत्रों पर सवाल:देवरिया में FIR और वेतन वसूली की नोटिस, तीन मदरसों के रिकॉर्ड में नहीं मिला नाम
देवरिया में मदरसा अरबिया रजाउल इस्लाम, तेलिया कलां के प्रधानाचार्य वसी अहमद के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच में गड़बड़ियां सामने आई हैं। गोरखपुर मंडल के उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विनोद कुमार जायसवाल की जांच रिपोर्ट में कई प्रमाणपत्रों को संदिग्ध और कूटरचित बताया गया है। उन्होंने मदरसे की सरकारी सहायता की मंजूरी वापस लेने, प्रधानाचार्य के खिलाफ FIR दर्ज कराने और सरकारी खजाने से निकाली गई रकम वसूलने की संस्तुति की है। यह जांच अधिवक्ता अमित कुमार त्रिपाठी की 15 सितंबर को की गई शिकायत पर कराई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, वसी अहमद ने नौकरी के लिए मुंशी, मौलवी, आलिम, कामिल और फाजिले दीनियात सुन्नी परीक्षाओं के प्रमाणपत्रों की दूसरी प्रतियां जमा की थीं। इनमें कई प्रमाणपत्रों पर जारी होने की तारीख 25 मार्च 2018 लिखी है। तीन मदरसों के रिकॉर्ड में नहीं मिला नाम जांच के दौरान वाराणसी के तीन मदरसों के रिकॉर्ड से प्रमाणपत्रों का मिलान कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार, मदरसा जामिया रहमानिया, मदनपुरा में वर्ष 1998 की मुंशी परीक्षा के रोल नंबर 12403 पर सैयद खालिद हुसैन और वर्ष 2002 की आलिम परीक्षा के रोल नंबर 1548 पर एखलाक अहमद का नाम दर्ज मिला। रिपोर्ट में कहा गया है कि संबंधित मदरसे के रिकॉर्ड में वसी अहमद के इन परीक्षाओं में शामिल होने का प्रमाण नहीं मिला। वर्ष 2008 की फाजिले दीनियात सुन्नी परीक्षा के रोल नंबर 503635 की जांच में खानम जान अरबिक स्कूल, अर्दली बाजार के रिकॉर्ड में काजी फुजैल अहमद का नाम मिला। वहीं, वर्ष 2000 की मौलवी परीक्षा के रोल नंबर 1746 के सत्यापन में दारुल उलूम अहमद रजा, वाराणसी के रिकॉर्ड में भी वसी अहमद का नाम नहीं मिला। विज्ञापन के 15 दिन बाद जारी हुए प्रमाणपत्र जांच रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानाचार्य पद के लिए 10 मार्च 2018 को अखबार में विज्ञापन प्रकाशित हुआ था। इसके 15 दिन बाद, 25 मार्च को पांच प्रमाणपत्रों की दूसरी प्रतियां जारी होने की बात सामने आई। वसी अहमद ने 26 मार्च को पद के लिए आवेदन किया था। जांच रिपोर्ट में इन तारीखों को भी अहम माना गया है। वर्ष 2004 की कामिल परीक्षा के प्रमाणपत्र की जांच में मदरसा इस्लामिया, रामनगर ने बताया कि प्रबंध समिति के विवाद के कारण पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। इस वजह से इस प्रमाणपत्र का सत्यापन भी नहीं हो सका। अनुभव प्रमाणपत्र पर भी उठे सवाल वसी अहमद ने मदरसा हियातुन निशा, जैदपट्टी, देवरिया में 5 जुलाई 2011 से 31 अगस्त 2016 तक सहायक अध्यापक आलिया के पद पर काम करने का अनुभव प्रमाणपत्र भी दिया था। जांच रिपोर्ट में शैक्षिक प्रमाणपत्रों पर उठे सवालों के बाद अनुभव प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता पर भी संदेह जताया गया है। 2018 में हुई थी नियुक्ति रिपोर्ट के अनुसार, वसी अहमद की नियुक्ति 22 अप्रैल 2018 को हुई थी। उन्होंने 26 अप्रैल को प्रधानाचार्य पद का कार्यभार संभाला था। मदरसा शिक्षा परिषद कार्यालय ने 7 जून 2018 को कुछ शर्तों के साथ सरकारी सहायता की मंजूरी दी थी। उप निदेशक ने यह मंजूरी वापस लेने, FIR दर्ज कराने और सरकारी खजाने से निकाली गई रकम की वसूली की संस्तुति की है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कमलेश मौर्य ने बताया कि जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए रजिस्ट्रार, लखनऊ को भेज दी गई है।
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