मेडिकल कॉलेज की हीमोडायलिसिस यूनिट की छत जर्जर:छत गिरने का खतरा, पहले भी दो बार गिर चुकी है
एटा के मेडिकल कॉलेज में हीमोडायलिसिस यूनिट की इमारत बहुत पुरानी हो चुकी है। इसकी छत जर्जर हालत में है, जिससे उसके गिरने का खतरा बना हुआ है। यूनिट की छत का कुछ हिस्सा पहले भी दो बार गिर चुका है। इसके बावजूद इमारत की मरम्मत नहीं हो पाई है और न ही यूनिट को कहीं और शिफ्ट किया गया है। डायलिसिस करवाने आए मरीजों के परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से लिखित शिकायत की है। उन्होंने यूनिट की इमारत की मरम्मत करवाने की मांग की है। शुक्रवार शाम 5:30 बजे परिजनों ने सामूहिक रूप से यह शिकायत दर्ज कराई। एक तीमारदार शुभम ने बताया कि पिछले साल भी डायलिसिस यूनिट की छत का कुछ हिस्सा गिरा था। इसमें मरीज और परिजन घायल हो गए थे। उन्होंने कहा कि छत दो बार गिर चुकी है और अब इस इमारत की मरम्मत होनी चाहिए। शुभम ने बताया कि पहले सीएमओ से शिकायत की गई थी और अब प्राचार्य से शिकायत की गई है। परिजनों ने यह भी बताया कि बरसात में छत टपकती है और इमारत सुरक्षित नहीं है। पानी भरने से सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। प्राचार्य ने परिजनों को बताया कि शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलने के बाद ही इमारत को बनवाया जाएगा। यूनिट में तीन शिफ्ट में मरीजों की डायलिसिस की जाती है। वहीं, सीएमएस डॉक्टर सुरेश चंद्रा ने बताया कि मरीजों ने शिकायत की है। उन्होंने जानकारी दी कि साल 2009 में इमारत की मरम्मत की गई थी। अब दोबारा छत खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है और मंजूरी मिलने के बाद तुरंत काम शुरू करवाया जाएगा।
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