मेडिकल स्टोर संचालक के इकलौते बेटे का सुसाइड:हरदोई में 10वीं के छात्र ने फांसी लगाई, मां बोली- उठ जा बेटा हम कैसे जिएंगे

Oct 12, 2026 - 20:02
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मेडिकल स्टोर संचालक के इकलौते बेटे का सुसाइड:हरदोई में 10वीं के छात्र ने फांसी लगाई, मां बोली- उठ जा बेटा हम कैसे जिएंगे
हरदोई में 10वीं के छात्र ने सुसाइड कर लिया। घटना के समय वो घर पर अकेला था। छात्र मां-पिता का इकलौता बेटा था। मां बेटी को स्कूल बस से लेने गई थी उसी समय बेटे ने मेन गेट बंद करके दुपट्‌टे से फंदा लगाकर जान दे दी। बेटे की मौत से मां-पिता बदहवास हो गए। बार-बार शव हिलाकर कहते- बेटा उठ जाओ हम कैसे जिएंगे। घर वालों का कहना है कि बेटा पढ़ाई का टेंशन लेता था, जबकि स्कूल वालों का कहना है कि छात्र पढ़ाई में अच्छा था। प्रेम-प्रसंग की भी चर्चा है, लेकिन परिजन कुछ बोल नहीं रहे हैं। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। घर वालों ने पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया है। मेडिकल स्टोर चलाते हैं पिता कृष्ण नगरिया मोहल्ले में अंशुल चंद्र मिश्रा का परिवार रहता है। अंशुल की पत्नी पीयूषा मिश्रा, बेटा हृद्यांश (15) और बेटी आशी हैं। अंशुल के पिता हरिशचंद्र पोस्टमास्टर की पोस्ट से रिटायर हैं। अंशुल जगदीशपुर में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। सेंट जेवियर्स स्कूल में हृद्यांश 10वीं में पढ़ाई करता था। आशी भी इसी स्कूल में 5वीं में पढ़ती है। दोनों बच्चे स्कूल बस से आते-जाते थे। सोमवार को हृद्यांश ने स्कूल जाने से मना कर दिया। उसने कहा आज नवरात्र हैं और मेरी अटेंडेंस भी पूरी है। आशी अकेले बस से स्कूल चली गई। बेटी को स्कूल बस से लेने गई थी मां स्कूल बस बच्चों को घर से कुछ दूरी पर छोड़ती थी। दोपहर 2.30 पर जब आशी के आने का टाइम हुआ तो मां उसे लेने चली गई। बाबा हरिशचंद्र किसी काम से बाहर गए हुए थे। अंशुल अपने मेडिकल स्टोर पर थे। घर पर हृद्यांश अकेला था। हृद्यांश ने घर का मेन गेट लॉक कर लिया और अपने कमरे में मां के दुपट्‌टे से फांसी लगा ली। मां जब बेटी को लेकर घर पहुंची तो गेट लॉक था। काफी देर आवाज देने के बाद भी गेट नहीं खुला तो मां ने पड़ोसी मुकेश गुप्ता को मदद के लिए बुलाया। पड़ोसियों ने मिलकर गेट तोड़कर निकाला किसी तरह से दरवाजा तोड़कर सभी लोग अंदर पहुंचे तो हृद्यांश का शव दुपट्‌टे के सहारे पंखे से लटक रहा था। शोर सुनकर आसपड़ोस के लोग इकट्‌ठे हो गए। फंदा काटकर हृद्यांश को उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी। इकलौते बेटे की मौत से मां-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों बार-बार बेटे के शव को हिलाते और कहते कि बेटा उठ जा। पिता रो-रोकर कह रहे थे कि सुबह तक तो एकदम ठीक था अब क्या हो गया। लोगों ने किसी तरह घर वालों को संभाला। छोटी बहन आशी का रो-रोकर बुरा हाल है। वो कह रही पहले भैया ने कभी ऐसा नहीं किया था। बाबा रोज घर पर ही रहते थे। आज कहीं चले गए थे। घर वालों ने पोस्टमॉर्टम से इनकार किया पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। घर वालों का कहना है कि हृद्यांश पढ़ाई की टेंशन लेता था इसी वजह से उसने फांसी लगाई है। वहीं स्कूल प्रबंधक राकेश पाल ने बताया कि हृद्यांश पढ़ाई में अच्छा था। अभी सेमेस्टर इग्जाम में भी उसके अच्छे नंबर आए थे। पड़ोस में अफेयर की भी चर्चा थी। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि शव का पंचनामा भरवाया गया है। परिजनों की सहमति के बाद पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है। ---------------- यह खबर भी पढ़ें… 2-बच्चों की मां से अफेयर, डिलीवरी बॉय फंदे पर मिला:वाराणसी में उसी के फिंगर से मोबाइल लॉक खुला, प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था वाराणसी में घर में अकेले रह रहे डिलीवरी बॉय का शव बेडरूम में फंदे पर लटका मिला। रविवार (11 अक्टूबर) को पोस्टमॉर्टम हाउस पर छोटी बहन रंजना ने दैनिक भास्कर से कहा- भाई का पड़ोस की ही 2 बच्चों की मां से अफेयर था। उसकी हत्या की गई है। पढ़ें पूरी खबर…

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