मेडिकल वार्ड की खिड़की से गिरा मरीज, मौत:दूसरी मंजिल की खिड़की से गिरा 60 साल का मरीज, ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत
देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में रविवार रात मेडिकल वार्ड की दूसरी मंजिल की खिड़की से गिरकर 60 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। रामानुज चौहान वार्ड में भर्ती थे। रात करीब 9:50 बजे वह अपने बेड से उठकर बरामदे की खिड़की के पास पहुंचे और नीचे गिर गए। गंभीर हालत में उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रामानुज बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के महरा देव बाजार के रहने वाले थे। वह शुक्रवार से मेडिकल वार्ड के बेड नंबर 33 पर भर्ती थे। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल, सीएमएस डॉ. के. मिश्रा समेत फिजिशियन और सर्जन ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखकर उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिजनों ने उन्हें ले जाने से इनकार कर दिया। सीटी स्कैन के बाद शिफ्ट करने की तैयारी थी मरीज के सिर, हाथ और पैर में चोट आई थी। ट्रॉमा सेंटर में उसका सीटी स्कैन कराया गया। इसके बाद उसे वार्ड में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही थी, इसी दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही पत्नी और परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने बताया कि रामानुज मानसिक रूप से अस्वस्थ थे। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से उनकी बीमारी के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि मरीज वार्ड से खिड़की तक कैसे पहुंचा और उस समय वहां क्या स्थिति थी।
पुलिस को दी गई घटना की सूचना मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी है। मरीज के खिड़की तक पहुंचने और नीचे गिरने की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के दौरान वार्ड में मरीजों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को भी देखा जा रहा है। खिड़कियों की सुरक्षा पर उठे सवाल घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। दूसरी मंजिल की खिड़की तक मरीज के पहुंचने और वहां सुरक्षा के इंतजामों की समीक्षा की जरूरत सामने आई है। खासकर मानसिक रूप से अस्वस्थ या संवेदनशील मरीजों के लिए वार्ड में निगरानी और खिड़कियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
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