मेरे 9 साल बर्बाद होने का हिसाब कौन देगा:गाजियाबाद में मर्डर केस से बरी होने पर बोले पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा
गाजियाबाद के बहुचर्चित गजेंद्र उर्फ गज्जी भाटी हत्याकांड में करीब 9 साल बाद पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा को बड़ी कानूनी राहत मिली है। सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट से बरी होने के बाद अमरपाल शर्मा ने आज प्रेसवार्ता कर अपनी चुप्पी तोड़ी, इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया। पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा ने सवाल उठाया कि 9 साल तक चले मुकदमे के दौरान मेरी प्रतिष्ठा, राजनीतिक जीवन और मानसिक शांति को जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई कौन करेगा। आगे कहा कि मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा था और आखिरकार मुझे न्याय मिला है। जांच में बाद में शामिल किया मेरा नाम पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा ने कहा कि गज्जी भाटी हत्याकांड में मुझे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते निशाना बनाया गया। हत्याकांड के इस मामले में नाम बाद में शामिल किया गया, जबकि शुरुआती एफआईआर में उनका नाम नहीं था। शर्मा ने सवाल उठाया कि यदि शुरुआत से ही उन्हें लेकर आरोप थे तो FIR दर्ज कराते समय उनका नाम क्यों नहीं लिया गया। सपा नेता और पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा ने मामले में पेश किए गए गवाहों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे खिलाफ एक विशेष नैरेटिव तैयार किया गया और मुझे राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। गोली मारकर की गई थी हत्या 2 सितंबर 2017 को गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में भाजपा नेता गजेंद्र उर्फ गज्जी भाटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के दौरान उनके साथी बलवीर चौहान भी गोली लगने से घायल हुए थे। इस मामले में पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा पर कथित साजिशकर्ता होने का आरोप लगाया गया था, जबकि नरेंद्र कुमार उर्फ फौजी और राजू पहलवान को शूटर बताया गया था। 9 साल तक चले इस मुकदमे के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने अमरपाल शर्मा समेत तीनों आरोपियों को बरी कर दिया। वहीं गज्जी भाटी के परिवार ने इस पर असंतोष जताया और कहा कि हम इंसाफ के लिए हाईकोर्ट जाएंगे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)