मेरठ में डिजिटल आतिशबाजी के साथ होगा रावण दहन:ड्रोन-लेजर शो से सजेगा आसमान, शहर में 32 जगह जलेगा रावण
विजयादशमी पर जिले में 32 स्थानों पर रावण दहन किया जाएगा। शहर में अलग-अलग स्थानों पर दशहरा मेले की तैयारियां चल रही हैं। कहीं रावण की आंखों से अंगारे निकलते दिखाई देंगे, तो कहीं उसके सिर को चारों दिशाओं में घूमता हुआ दिखाया जाएगा। छावनी रामलीला में इस बार ड्रोन शो, लेजर शो और डिजिटल आतिशबाजी के जरिए रामायण के प्रसंगों का सजीव चित्रण किया जाएगा। दिल्ली रोड पर 120 फीट, छावनी रामलीला में 130 फीट और कसेरूखेड़ा में 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। दिल्ली रोड पर 120 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन श्री सनातन धर्म रक्षिणी सभा के तत्वावधान में श्री रामलीला कमेटी मेरठ शहर की ओर से 20 अक्टूबर को दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में दशहरा मेले का आयोजन किया जाएगा। यहां 120 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। कमेटी के अनुसार, रावण की आंखों से अंगारे निकलते दिखाई देंगे। उसकी नाभि पर अग्नि प्रभाव के जरिए भगवान श्रीराम के तीर लगने का दृश्य दिखाया जाएगा। जीमखाना मैदान में बनाए जाने वाले अन्य पुतलों की ऊंचाई करीब 80 फीट रखी जाएगी। तोपखाना में 50 साल से अधिक पुरानी परंपरा, पहले होगा लंका दहन तोपखाना दशहरा कमेटी की ओर से भी दशहरे पर रावण दहन की तैयारियां की जा रही हैं। कमेटी के पदाधिकारी के अनुसार, यहां 55 फीट ऊंचा रावण, 50 फीट ऊंचा कुंभकर्ण और 45 फीट ऊंचा मेघनाद का पुतला बनाया जाता है। इसके अलावा छोटी लंका भी तैयार की जाती है। कार्यक्रम में सबसे पहले लंका दहन होगा। इसके बाद कुंभकर्ण, मेघनाद और अंत में रावण का दहन किया जाएगा। पदाधिकारी ने बताया कि रावण दहन का समय परिस्थितियों के अनुसार तय किया जाता है। इस बार मंगलवार होने के कारण दहन थोड़ा देर से कराने का प्रयास किया जाएगा तो रात 11 बजे तक रावण दहन किया जाएगा। पुतलों का दहन कलाकारों द्वारा किया जाता है। विशेष अतिथि बुलाने के बजाय क्षेत्र के बुजुर्गों को आमंत्रित कर उनसे फीता कटवाने की परंपरा भी है। आतिशबाजी भी मेले का प्रमुख आकर्षण होगी। कमेटी के अनुसार, रामलीला के तीनों पुतलों में करीब 100-100 पटाखे लगाए जाते हैं, जबकि लंका में करीब 75 पटाखे लगाए जाते हैं। इसके अलावा अलग से आतिशबाजी की जाती है। इस तरह पुतलों के दहन के साथ आतिशबाजी भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेगी। छावनी रामलीला में ड्रोन और लेजर शो से दिखेंगे रामायण के प्रसंग छावनी रामलीला में इस बार विजयादशमी पर आधुनिक तकनीक के जरिए रामायण के प्रसंगों का सजीव चित्रण किया जाएगा। आकाश में ड्रोन शो और लेजर शो के माध्यम से रामायण के विभिन्न प्रसंग दिखाए जाएंगे। इसके साथ ही आकर्षक डिजिटल और आधुनिक आतिशबाजी भी होगी। आयोजन में पारंपरिक रामलीला के साथ आधुनिक तकनीक का मेल देखने को मिलेगा। यहां रावण का 130 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया जाएगा, जिसे सात घोड़ों के रथ पर सवार दिखाया जाएगा। रावण की आंखों से अंगारे निकलते नजर आएंगे। कुंभकर्ण का पुतला 120 फीट और मेघनाद का पुतला 110 फीट ऊंचा होगा। रावण के पुतले का दहन रिमोट के माध्यम से किया जाएगा। डिजिटल आतिशबाजी भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगी। ड्रोन और लेजर शो के माध्यम से आकाश में रामायण के प्रसंगों का चित्रण दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। कसेरूखेड़ा में 80 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन, चारों दिशाओं में घूमेगा सिर मवाना रोड स्थित भगत लाइंस के पास कसेरूखेड़ा में दशहरा मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए भूमि पूजन किया गया। पंडित राजकुमार शर्मा ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया। मुख्य यजमान के रूप में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा, सुमित शर्मा और विकास उपाध्याय शामिल हुए। श्री रामलीला दशहरा कमेटी के अध्यक्ष विनोद सोनकर ने बताया कि दशहरे पर कसेरूखेड़ा में 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। पुतले की आंखें दहकते अंगारों जैसी दिखाई देंगी और उसका सिर चारों दिशाओं में घूमेगा। रंग-बिरंगी आतिशबाजी मेले का प्रमुख आकर्षण होगी। इसके अलावा मेले में भगवान श्रीराम और रावण के बीच भीषण युद्ध का मंचन किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। रावण के पुतले की विशेष बनावट और आतिशबाजी के जरिए आयोजन को आकर्षक बनाने की योजना है।
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