मेरठ में NHM कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार:8 मांगों पर प्रदर्शन के चलते, 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
मेरठ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। शहर से लेकर देहात तक अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन समेत आठ मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में एक लाख से अधिक NHM संविदा कर्मचारी 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ जिला अस्पतालों और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। कोविड महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में योगदान दिया। नियमितीकरण और वेतन बढ़ाने की मांग कर्मचारियों ने लंबे समय से सेवा दे रहे संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग की है। समान कार्य-समान वेतन लागू होने तक वर्तमान वेतन में तत्काल वृद्धि और स्वास्थ्य विभाग में आवश्यक पद सृजित करने की मांग भी की गई। कर्मचारियों और चिकित्साधिकारियों व उनके आश्रितों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा देने की मांग रखी गई। इसके साथ महंगाई भत्ता, EPF, HRA और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। स्थानांतरण और अनुकंपा नियुक्ति की मांग संविदा कर्मियों ने रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण, म्यूचुअल ट्रांसफर और स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण की नीति बहाल करने की मांग की। सेवाकाल के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने की नीति बनाने की मांग भी की गई। इसके अलावा MCTS, IDSP, HMIS डाटा ऑपरेटर और कोविड-19 कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने तथा नियमित भर्तियों में NHM संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग की गई। 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। 5 से 7 अक्टूबर तक काला फीता बांधकर विरोध और 8 से 10 अक्टूबर तक जनपद मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार और कार्यविराम किया जाएगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं या राज्य प्रतिनिधिमंडल से सार्थक वार्ता नहीं हुई तो 12 अक्टूबर से प्रदेशभर के संविदा कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।
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