मेट्रो बैरिकेडिंग हटने के बाद भी MG रोड पर जाम:फंसी रही एम्बुलेंस और स्कूल बस, रेंगते रहे वाहन, पीक आर्वस में रोज का यही हाल
आगरा में मेट्रो की बैरिकेडिंग हटने के बाद भी MG रोड पर जाम की समस्या नहीं सुलझी है। पीक आवर्स में यहां वाहन रेंगते नजर आते हैं। शुक्रवार को डीएम आवास से रावली चौराहे तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब 500 मीटर का रास्ता पार करने में ही 15 से 20 मिनट लग गए। आगरा कॉलेज हॉस्टल के पास भी लंबा जाम लगा रहा। इस दौरान स्कूल बसें और एंबुलेंस भी जाम में फंसी रहीं। सायरन बजाती एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं मिला, जिससे जाम की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। बैरिकेडिंग हटने के बाद भी रोजाना जाम MG रोड पर पहले मेट्रो निर्माण के चलते लगी बैरिकेडिंग के कारण वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ता था। अब बैरिकेडिंग हट चुकी है, लेकिन पीक आवर्स में हालात में खास सुधार नहीं दिख रहा। दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के समय सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। इससे लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों को कम दूरी तय करने में भी काफी समय लगता है। दोपहर दो से तीन बजे के बीच स्कूलों की छुट्टी होने पर सड़कों पर स्कूली वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। हरीपर्वत क्षेत्र के स्कूली वाहनों का आवागमन दिल्ली गेट से मदिया कटरा मार्ग की तरफ सबसे अधिक होता है। ऐसे में इस मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। सीएम ग्रिड के काम और सड़क किनारे खड़े वाहनों से परेशानी दिल्ली गेट से हरीपर्वत चौराहे तक एक लेन सीएम ग्रिड के काम के कारण बंद पड़ी है। दूसरी तरफ की लेन से दोनों ओर के वाहन निकलते हैं। इससे सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और यातायात की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। इस मार्ग पर दुकानें भी बनी हुई हैं। दुकानों के बाहर खड़े वाहनों से सड़क का आधा हिस्सा घिर जाता है। इससे पहले से सीमित सड़क पर वाहनों के निकलने के लिए कम जगह बचती है। नतीजतन, वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इसका असर स्कूली वाहनों के साथ अन्य राहगीरों पर भी पड़ता है। जाम में एंबुलेंस फंसने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होने का खतरा भी बना रहता है। शहर के दूसरे प्रमुख रास्तों पर भी परेशानी MG रोड के अलावा दिल्ली गेट, भगवान टॉकीज चौराहा, लोहामंडी चौराहा, शाहगंज चौराहा और सिकंदरा हाईवे समेत शहर के कई प्रमुख मार्गों पर भी जाम की स्थिति बनी रहती है। इन रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारों के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। एंबुलेंस फंसने से बढ़ी चिंता जाम में स्कूल बसों और एंबुलेंस के फंसने से समस्या और गंभीर हो जाती है। सायरन बजाने के बावजूद एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिलना यातायात व्यवस्था की चुनौती को उजागर करता है। वहीं, स्कूल बसों में बैठे बच्चों और अन्य वाहन चालकों को भी लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। मेट्रो की बैरिकेडिंग हटने के बाद भी MG रोड पर जाम का बने रहना यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। सीएम ग्रिड के काम के कारण बंद लेन, दुकानों के बाहर खड़े वाहन और स्कूलों की छुट्टी के समय बढ़ने वाला यातायात दबाव समस्या को और बढ़ा रहे हैं। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रबंधन, सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग पर नियंत्रण और एंबुलेंस के लिए रास्ता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सके।
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