महाष्टमी पर देवी मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु:कात्यायनी मंदिर में हुई विशेष संधि पूजा, खजाना लूटने को आतुर नजर आए भक्त

Oct 19, 2026 - 10:57
0
महाष्टमी पर देवी मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु:कात्यायनी मंदिर में हुई विशेष संधि पूजा, खजाना लूटने को आतुर नजर आए भक्त
शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर ब्रज मां भगवती की आराधना में डूबा है। घर घर जहां मां की विशेष आराधना की जा रही है वहीं देवी मंदिरों पर भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। प्रसिद्ध कात्यायनी देवी मंदिर पर महाष्टमी के अवसर पर विशेष संधि पूजा आरती की गई। इस दौरान मां भगवती का खजाना लूटने के लिए भक्तों में होड नजर आई। अष्टमी-नवमी के मिलन पर हुई संधि आरती भगवान श्री कृष्ण की क्रीड़ा स्थली वृंदावन के राधा बाग स्थित 51 शक्तिपीठों में शामिल प्राचीन मां कात्यायनी मंदिर में शारदीय नवरात्र के दौरान अष्टमी और नवमी तिथि के मिलन पर विशेष संधि आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर में मां भगवती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के पुजारियों ने विशेष मुहूर्त में मां की भव्य आरती उतारकर विश्व कल्याण और श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि की कामना की। इस धार्मिक आयोजन में मां के दर्शन और आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मां के जयकारों से गुंजायमान हुआ मंदिर संधि आरती के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। मां के जयकारों और धार्मिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने मां भगवती के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर मंदिर के पुजारियों और ट्रस्टियों की ओर से प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए मां का खजाना श्रद्धालुओं के बीच लुटाया गया। मां का खजाना प्राप्त करने के लिए भक्तों में उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने इसे मां भगवती के आशीर्वाद और कृपा के प्रतीक के रूप में ग्रहण किया। पुष्पर्चन कर की आराधना मंदिर के मुख्य पुजारी कमल तिवारी ने संधि आरती के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अष्टमी और नवमी तिथि के मिलन के विशेष मुहूर्त में मां भगवती की संधि आरती की जाती है। इस दौरान 24 मिनट का शुभ मुहूर्त होता है। इस समय में मां की कमल पुष्पों से आराधना की जाती है। इसके साथ ही यह आरती धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। इसी परंपरा के अंतर्गत मां की विशेष पूजा-अर्चना और आरती की जाती है। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा के अनुसार इस अवसर पर मां का खजाना भी श्रद्धालुओं के बीच लुटाया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त सहभागिता करते हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User