महिला जेल वार्डर की खुदकुशी के 17 महीने बाद केस:शादी का झांसा देकर पैसे ऐंठने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप; कोर्ट के आदेश पर FIR
अयोध्या जिला कारागार में तैनात महिला जेल वार्डर शांति यादव की आत्महत्या के मामले में 17 महीने बाद केस दर्ज हुआ है। मृतका के पिता ने जेल में तैनात रहे एक सहकर्मी पर बेटी को शादी का झांसा देकर पैसे ऐंठने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। पुलिस से कार्रवाई नहीं होने पर पिता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जौनपुर निवासी मृतका के पिता के मुताबिक, उनकी बेटी अयोध्या में महिला जेल वार्डर के पद पर तैनात थी। उसने 17 मई 2025 को मंडल कारागार परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर जान दे दी थी। पिता ने तहरीर में आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मुलाकात अतुल कुमार यादव से हुई थी। उसकी जिले में विशेष ड्यूटी पर तैनाती थी। आरोप है कि अतुल ने बेटी को शादी का झांसा दिया और यूपीआई व नकद के माध्यम से अलग-अलग समय पर कई बार पैसे लिए। जब बेटी ने शादी करने के लिए कहा तो वह टालमटोल करने लगा। पुलिस और विभाग को दी थी शिकायत पिता का कहना है कि कारागार से सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी। उन्होंने कारागार विभाग और पुलिस को बेटी के साथ हुई घटनाओं की जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 6 जून 2025 को तहरीर दी और 16 जून को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। कोतवाली नगर प्रभारी मनोज शर्मा ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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