राकेश टिकैत ने प्रयागराज में उठाईं 12 सूत्रीय मांगें:किसान यूनियन कार्यालय पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, आंदोलन की चेतावनी
प्रयागराज भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की मौजूदगी में प्रयागराज में आयोजित किसान क्रांति महापंचायत में किसानों की समस्याओं को लेकर 12 सूत्रीय मांगें उठाई गईं। इनमें विंध्य एक्सप्रेसवे और रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण का उचित मुआवजा, धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद, फसल नुकसान का मुआवजा और बिजली-पानी की समस्या प्रमुख रहीं। किसान यूनियन ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन, विरोध-प्रदर्शन और चक्का जाम करने की चेतावनी दी।
किसान यूनियन ने प्रयागराज और कौशांबी के किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। संगठन का कहना है कि विकास परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन लेने से पहले गांवों में खुली बैठक कर उनकी सहमति और समस्याओं पर चर्चा की जाए। विंध्य एक्सप्रेसवे और रिंग रोड से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। रिंग रोड के दोनों ओर 50 मीटर तक प्रस्तावित ग्रीन बेल्ट में आने वाली जमीन का भी नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की गई। किसान यूनियन कार्यालय पर हमले का मुद्दा भी उठा महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन युवा, उत्तर प्रदेश के प्रदेश कार्यालय पर 19 अक्टूबर को हुए कथित हमले का मामला भी उठाया गया। संगठन के मुताबिक, प्रयागराज में ट्रिपल आईटी के पास स्थित कार्यालय पर 15 से 20 लोगों ने हमला किया था। आरोप है कि हमलावरों ने मारपीट की और कार्यालय में रखे 2.70 लाख रुपये लूट लिए। यूनियन ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। संगठन ने आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। धान खरीद से लेकर छुट्टा पशुओं तक की समस्या किसान यूनियन ने प्रयागराज और कौशांबी में पर्याप्त धान क्रय केंद्र खोलने, बिचौलियों का हस्तक्षेप खत्म करने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। हालिया प्राकृतिक आपदा और तूफान से धान व गन्ने की फसल को हुए नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की भी मांग की गई। इसके अलावा मुंडेरा मंडी में चुनाव के दौरान EVM रखे जाने से व्यापार प्रभावित होने का मुद्दा उठाते हुए मशीनों को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर रखने की मांग की गई। गांवों में घरेलू उपभोक्ताओं को कम बिजली मिलने की समस्या दूर कर कम से कम 18 घंटे आपूर्ति, गेहूं की बुवाई के लिए पर्याप्त खाद-बीज, नहरों की सफाई और खराब सरकारी नलकूपों की मरम्मत की मांग भी शामिल रही। जल सत्याग्रह के मुकदमे वापस लेने की मांग यूनियन ने जुलाई में संगम तट पर हुए जल सत्याग्रह से जुड़ी 20 मांगों का निस्तारण करने और आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज 12 मुकदमे वापस लेने की मांग की। शंकरगढ़ क्षेत्र के बंधवा और जिगना गांव में सड़क व नाली निर्माण, जर्जर ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, चकरोडों को अतिक्रमण मुक्त कराने, किसान सम्मान निधि की लंबित समस्याओं के समाधान और छुट्टा पशुओं पर नियंत्रण की मांग भी उठाई गई। किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर चक्का जाम और लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने विरोध-प्रदर्शन भी किया जाएगा। संगठन ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं होने पर आंदोलन की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।
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