महिलाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण:मास्टर ट्रेनर ने बताए फायदे, जैविक खेती पर दिया जोर
अपेक्षा महिला बाल विकास समिति के तत्वावधान में मंगलवार (13 अक्टूबर) को ग्राम पंचायत जैतपुर में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 'मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं को मशरूम की खेती और उसके स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर सुधा देवी ने प्रशिक्षण में शामिल पांच महिलाओं को मशरूम उगाने के तरीके, इसे खाने के फायदे और इससे होने वाले आर्थिक लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान पिछले वर्ष की गई मशरूम बुवाई का फॉलोअप (समीक्षा) भी लिया गया। प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं (दीदियों) ने अपने अनुभव साझा करते हुए खुशी जताई और बताया कि उन्होंने इससे पहले कभी बाजार से मशरूम खरीदकर नहीं खाया था, लेकिन अब वे इसे खुद उगा रही हैं। मास्टर ट्रेनर ने महिलाओं को घर पर ही ताजी सब्जियां उगाने के फायदे भी बताए। उन्होंने खेती में रासायनिक खादों का प्रयोग बिल्कुल न करने और केवल जैविक खाद (ऑर्गेनिक) का उपयोग करने पर विशेष जोर दिया। महिलाओं को समझाया गया कि घर पर जैविक तरीके से सब्जियां और मशरूम उगाने से न केवल पैसों की भारी बचत होती है, बल्कि परिवार का स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है और इसे बाजार में बेचकर आय में भी अच्छी खासी वृद्धि की जा सकती है।
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