मिर्जापुर में पॉक्सो एक्ट पर बच्चों की सुरक्षा का संदेश:सोशल मीडिया और इंटरनेट पर होने वाले साइबर अपराधों से सावधान रहने की अपील
मिर्जापुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को पॉक्सो अधिनियम-2012 को लेकर विशेष विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। अभियान के दौरान बच्चों को उनके अधिकारों और उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी बताया गया। 18 साल से कम उम्र के बच्चों को विशेष कानूनी संरक्षण कार्यक्रम की शुरुआत जनपद न्यायाधीश अनुपम कुमार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। इसके बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय सोनाली मिश्रा ने पॉक्सो एक्ट के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक व्यक्ति को विशेष कानूनी संरक्षण प्राप्त है। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का लैंगिक दुर्व्यवहार, उत्पीड़न या अपराध दंडनीय है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे की सहमति को पॉक्सो एक्ट के तहत वैध सहमति नहीं माना जाता। मोबाइल और इंटरनेट पर सावधानी बरतने की सलाह अभियान के दौरान बच्चों को सोशल मीडिया, मोबाइल फोन और इंटरनेट के माध्यम से होने वाले लैंगिक शोषण, अनुचित संपर्क और साइबर अपराधों से सावधान रहने के लिए जागरूक किया गया। किसी संदिग्ध या असहज स्थिति में माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को तत्काल जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया। प्रभात फेरी निकालकर दिया बाल सुरक्षा का संदेश जनपद न्यायालय परिसर से प्रभात फेरी भी निकाली गई। इसमें शामिल लोगों ने विभिन्न नारों और संदेशों के जरिए बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के संरक्षण का संदेश दिया। बाल लैंगिक अपराध की जानकारी मिलने पर उसे छिपाने के बजाय संबंधित सक्षम प्राधिकारी को तत्काल सूचना देने की अपील की गई। किशोरों को बताए अधिकार, बांटीं ज्ञानवर्धक पुस्तकें राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) में भी विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। यहां किशोरों को उनके अधिकारों, शिक्षा, बाल संरक्षण कानून और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका के बारे में बताया गया। इसके बाद ज्ञानवर्धक पुस्तकों का वितरण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आनंद कुमार द्वितीय ने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी देना विधिक जागरूकता का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। कार्यक्रम में 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 112 पुलिस हेल्पलाइन, बाल कल्याण समिति और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी भी दी गई।
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