मिशन शक्ति केंद्र अब सिर्फ FIR नहीं, सम्मान-स्वावलंबन भी दिलाएगा:SP सिटी बोले- काउंसलिंग से लेकर कानूनी मदद तक की व्यवस्था, सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा
उन्नाव में महिलाओं को सुरक्षा देने के साथ उन्हें सम्मान और स्वावलंबन से जोड़ने के लिए पुलिस मिशन शक्ति अभियान के तहत काम कर रही है। अब मिशन शक्ति केंद्रों पर केवल शिकायत सुनने या एफआईआर दर्ज कराने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जरूरतमंद महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, कानूनी सहायता उपलब्ध कराने, काउंसलिंग कराने और दूसरे विभागों से समन्वय स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान कराने पर भी जोर दिया जाएगा। मंगलवार दोपहर दो बजे दही थाना क्षेत्र में मॉडल मिशन शक्ति केंद्र को लेकर आयोजित कार्यशाला में महिलाओं को इसकी कार्यप्रणाली और सुविधाओं की जानकारी दी गई। एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि शासन के निर्देश पर वर्ष 2026 में मिशन शक्ति अभियान का छठा चरण चलाया जा रहा है। प्रदेश के साथ उन्नाव जिले के प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किया गया है। दही थाने के केंद्र को मॉडल मिशन शक्ति केंद्र के रूप में विकसित कर उसकी कार्यप्रणाली महिलाओं के सामने प्रस्तुत की गई। कार्यशाला में महिलाओं को बताया गया कि वे केंद्र तक कैसे पहुंच सकती हैं और पुलिस उनकी मदद किस तरह कर सकती है। प्रोजेक्टर पर दिखाई नौ दिन की गतिविधियां कार्यशाला के दौरान प्रोजेक्टर और पीपीटी के माध्यम से पिछले नौ दिनों में मिशन शक्ति अभियान के तहत किए गए कार्यों को दिखाया गया। इसमें पिंक तहसील दिवस, स्कूटी मार्च, फ्लैग मार्च और महिलाओं से जुड़ी अन्य गतिविधियां शामिल रहीं। पुलिस ने बताया कि इन अभियानों के माध्यम से महिलाओं तक पहुंचने और उन्हें उपलब्ध सहायता की जानकारी देने का प्रयास किया गया। मिशन शक्ति केंद्रों पर पहले आए उन परिवारों को भी सम्मानित किया गया, जिनकी काउंसलिंग के बाद सफलतापूर्वक विदाई कराई गई। एसपी सिटी ने कहा कि बीते दिनों में कई परिवारों को फिर से साथ लाने का प्रयास किया गया है। हालांकि, उन्होंने इसकी सटीक संख्या बाद में उपलब्ध कराने की बात कही। छह पुलिसकर्मियों की टीम, गोपनीयता पर जोर एसपी सिटी के मुताबिक, मॉडल मिशन शक्ति केंद्र में एक उपनिरीक्षक के नेतृत्व में चार महिला कांस्टेबल और एक पुरुष कांस्टेबल सहित निर्धारित पुलिस बल तैनात है। केंद्र में कंप्यूटर और प्रिंटर की सुविधा है। महिलाओं के प्रार्थना पत्र मिशन शक्ति पोर्टल पर दर्ज किए जाते हैं और उनके मामलों में फीडबैक भी लिया जाता है। केंद्र प्रभारी को सीयूजी नंबर दिया गया है। उपनिरीक्षक बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर काम करते हैं। पीड़ित महिलाओं की गोपनीयता बनाए रखने के साथ उनकी जरूरत के अनुसार काउंसलिंग और कानूनी सहायता की व्यवस्था की जाती है। दूसरे विभागों से समन्वय कराएंगे मदद एसपी सिटी ने बताया कि महिला की समस्या के अनुसार पुलिस दूसरे विभागों से समन्वय स्थापित करती है। रहने की व्यवस्था के लिए वन स्टॉप सेंटर, चिकित्सा सहायता के लिए स्वास्थ्य विभाग, बच्चों के स्कूल में दाखिले के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और पेंशन जैसी जरूरतों के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की मदद ली जाती है। जरूरत पड़ने पर बाहरी काउंसलर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के माध्यम से कानूनी सहायता भी दिलाई जाती है। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति केंद्र का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा देने के साथ उनकी समस्याओं का समाधान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है। पुलिस का प्रयास है कि केंद्र पर आने वाली पीड़िता को जरूरी सहायता मिले और वह संतुष्ट होकर लौटे।
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