MLC पद के लिए निर्दलीय शिवशंकर पटेल मैदान में:झांसी में कहा-भाजपा को पढ़े-लिखे रोजगार-नौकरी मांगने वाले युवा बर्दाश्त नहीं
झांसी में इलाहाबाद-झांसी स्नातक विधायक चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी शिवशंकर पटेल ने भी चुनावी मैदान में ताल ठोक दी है। सोमवार को स्थानीय विवाहघर में शाम चार बजे पत्रकार वार्ता कर उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी राजनीतिक दल से टिकट नहीं मांगा और निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे हैं, ताकि किसी दल के दबाव या प्रभाव में काम न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शिक्षक रहते हुए उन्होंने जो शोषण देखा है, उसे समाप्त करने और स्नातक युवाओं, शिक्षकों व कर्मचारियों की समस्याओं को विधान परिषद में उठाने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। मंगलवार को वह नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल एक प्रतिनिधि चुनने का चुनाव नहीं है, बल्कि प्रदेश के पढ़े-लिखे युवाओं, शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को विधान परिषद में मजबूती से उठाने का अवसर है। स्नातक युवा बेरोजगारी, संविदा व्यवस्था, आउटसोर्सिंग और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। वहीं शिक्षक और कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली तथा सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर लंबे समय से मांग कर रहे हैं। इन समस्याओं को सदन में मजबूती से उठाना और जमीनी स्तर पर प्रभावी प्रतिनिधित्व करना उनकी प्राथमिकता होगी। भाजपा रही निशाने पर निर्दलीय प्रत्याशी शिवशंकर पटेल ने पत्रकार वार्ता में प्रदेश की भाजपा सरकार को भी जीशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के युवाओं को नौकरी और रोजगार देने की बात करते हैं, लेकिन हकीकत इसके उलट है। बोले, अगर भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में काम किया होता तो युवाओं को सड़कों पर प्रदर्शन नहीं करना पड़ता। बोले भाजपा को बेरोजगार युवाओं से सहानभूति तक नहीं है, तभी तो उन पर लाठी चलवाते हैं। कहा कि भाजपा पहले तो ये नहीं चाहती कि प्रदेश का युवा शिक्षा हासिल करे। अगर कोई पढ़-लिख जाता है तो उसके लिए नौकरी नहीं है। लेकिन जनता अब इनके झूठे वादों में नहीं आएगी। रोजगार से लेकर पुरानी पेंशन तक मुद्दे शिवशंकर पटेल ने अपने संकल्प पत्र की प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा कि स्नातक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की पहल की जाएगी। बेरोजगार भत्ता सुनिश्चित कराने की मांग उठाई जाएगी। संविदा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर पुनर्विचार तथा आवश्यकतानुसार रोक लगाने की मांग की जाएगी। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना लागू कराने का प्रयास करने, शिक्षकों को अनावश्यक TET जैसी प्रक्रियाओं से राहत दिलाने और आरक्षित वर्ग के युवाओं को पारदर्शी तरीके से आरक्षण का लाभ सुनिश्चित कराने की बात कही। स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए हो समान व्यवस्था शिक्षा व्यवस्था में समानता की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी विद्यालयों में समान पाठ्यक्रम और समान ड्रेस व्यवस्था जैसे प्रावधानों पर विचार किया जाना चाहिए। इससे आर्थिक स्थिति के आधार पर बच्चों के बीच शिक्षा के अवसरों में अंतर को कम किया जा सकेगा। बुंदेलखंड और पूर्वांचल की बनूंगा आवाज शिवशंकर पटेल ने कहा कि बुंदेलखंड और पूर्वांचल के हक, सम्मान और विकास से जुड़े मुद्दों को विधान परिषद में प्रमुखता से उठाया जाएगा। क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने और दोनों क्षेत्रों के समुचित विकास की मांग को मजबूती से रखा जाएगा। उन्होंने अलग राज्य निर्माण के मुद्दे को भी विधान परिषद में उठाने का संकल्प जताया।
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