मऊ में 1200 NHM संविदा कर्मचारियों का धरना:15 साल की सेवा के बाद भी नियमितीकरण नहीं, समान वेतन की मांग
मऊ जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के सैकड़ों संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 15 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उनका नियमितीकरण नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की मांग उठाई । एनएचएम कर्मचारियों का प्रदर्शन 3:00 बजे तक चला। एनएचएम संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. शैलजा कांत पांडे ने कहा कि मऊ जिले में लगभग 1200 एनएचएम कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं। टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना, जननी सुरक्षा, चिकित्सा आपातकालीन सेवाओं और आईसीयू-एनआईसीयू जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में संविदा कर्मचारियों की अहम भूमिका है। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वेतन और सुविधाओं के मामले में काफी अंतर डॉ. पांडे ने कहा कि संविदा कर्मचारी नियमित कर्मचारियों की तरह दिन और रात में ड्यूटी करते हैं, लेकिन वेतन और सुविधाओं के मामले में काफी अंतर है। उन्होंने बताया कि नियमित कर्मचारियों और एनएचएम कर्मियों के वेतन में बड़ा अंतर होने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी है। संगठन लंबे समय से समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों तक सेवा देने के बावजूद उन्हें नौकरी की स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालने की अपील की। एनएचएम कर्मचारियों ने बताया कि शनिवार तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। संगठन ने चेतावनी दी इसके बाद 12 अक्टूबर को लखनऊ के ईको गार्डन में आयोजित प्रदेशस्तरीय धरने में शामिल होंगे। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित करने का निर्णय लिया जा सकता है। कर्मचारियों के अनुसार, फिलहाल धरने के दौरान केवल आपातकालीन सेवाएं दी जा रही हैं। कर्मचारियों ने सरकार से नियमितीकरण, समान वेतन और अन्य सुविधाओं की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
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