मथुरा के देवी मंदिरों में उमड़ रहे श्रद्धालु:नवरात्र के पहले दिन, महाविद्या से कात्यायनी देवी तक गूंजे जयकारे; हाथी पर आएंगी मां

Oct 11, 2026 - 07:28
0
मथुरा के देवी मंदिरों में उमड़ रहे श्रद्धालु:नवरात्र के पहले दिन, महाविद्या से कात्यायनी देवी तक गूंजे जयकारे; हाथी पर आएंगी मां
शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही ब्रजभूमि माता रानी के जयकारों से गूंज उठी। मथुरा-वृंदावन समेत ब्रज के शहरों, कस्बों और गांवों में सुबह से श्रद्धालु देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। कहीं मां भगवती की आराधना हुई तो कहीं घट स्थापना के साथ नौ दिनों के अनुष्ठान शुरू हुए। ब्रज के देवी मंदिरों में आस्था के साथ इतिहास और अनूठी परंपराओं की झलक भी देखने को मिलती है। सदियों से आस्था का केंद्र हैं ब्रज के देवी मंदिर ब्रज के देवी मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र रहे हैं। इन मंदिरों का धार्मिक महत्व यहां की परंपराओं और लोक मान्यताओं से भी जुड़ा है। मथुरा के गोविंद नगर स्थित महाविद्या देवी मंदिर का रामलीला की परंपरा से संबंध बताया जाता है। वहीं चामुंडा देवी मंदिर को नंदबाबा की उपासना से जुड़ा माना जाता है। छाता क्षेत्र में स्थित नरी सेमरी देवी मंदिर में मां के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नंदगांव के पास संचौली गांव में स्थित देवी मंदिर को भी स्थानीय मान्यताओं में द्वापर युग से जोड़कर देखा जाता है। सखियों ने की कात्यायनी देवी की उपासना वृंदावन में स्थित मां भगवती के शक्ति पीठों में से एक कात्यायनी देवी मंदिर देवी भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि द्वापर में सखियों ने भगवान श्री कृष्ण को वर के रूप में प्राप्त करने के लिए मां कात्यायनी की आराधना की थी। तभी से ऐसा कहा जाता है कि यहां कन्याएं मन चाहा वर पाने के लिए मां के दर्शन करें तो उनकी मनोकामना पूरी होती है। यहां आम दिनों के मुकाबले नवरात्रों में अधिक भीड़ होती है। हाथी पर विराजमान होकर आयेंगी मां इस बार शारदीय नवरात्र में मां का आगमन हाथी पर हो रहा है। जबकि उनकी विदाई मुर्गा पर होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां भगवती का आगमन हाथी पर होना राष्ट्र और समाज के लिए शुभ माना जाता है। इस बार नवरात्र दस दिन के हैं। प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी। इसके साथ ही लोग घट स्थापना कर मां की आराधना शुरू कर देंगे। धर्माचार्यों के अनुसार घर स्थापना में चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का श्याम रखना चाहिए। चित्रा नक्षत्र सुबह 10:27 मिनट तक रहेगा। इसके बाद ही घट स्थापना करना शुभ रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11: 37 से दोपहर 12:30 तक है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User