मथुरा में प्रॉपर्टी डीलर का थाना स्तर से होगा सत्यापन:जमीनों के दाम बढ़ने से बढ़ रहे विवाद,एसएसपी ने रजिस्टर बनाने के दिए निर्देश
मथुरा में जमीनों की बढ़ती कीमत अब विवादों का कारण बनती जा रही है। जिसके कारण संपत्ति विवादों में भी इजाफा हुआ है। पिछले 15 दिन में थाना हाई वे क्षेत्र में खुले आम हुई फायरिंग,प्रोपर्टी डीलर को गोली मारने के मामला और अन्य जगह हुए विवादों के बाद अब पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क हो गई है। जमीन संबंधी विवाद रोकने के लिए एसएसपी ने एक आदेश जारी किया है जिसमें प्रॉपर्टी डीलर का सत्यापन करने के थाना स्तर पर निर्देश दिए हैं। इसके अलावा शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए भूमि संबंधी विवादों का रजिस्टर बनाने के भी आदेश दिए हैं। पुलिस की छवि होती है धूमिल पुलिस के जारी आदेश के अनुसार प्राय यह देखने में आ रहा है मथुरा में जमीन के दामों में अप्रत्याशित हुई बढ़ोतरी के कारण संपत्ति संबंधी विवाद उत्पन्न हो रहे हैं। जिसमें कई बार फायरिंग,बलवा,मारपीट आदि तक हो जाती है। इन घटनाओं से कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगते हैं और पुलिस की छवि धूमिल होती है। इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है। विवादों का किया जाए चिन्हीकरण जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि आई जी आर एस,लोक शिकायत प्रकोष्ठ, पी जी पोर्टल अथवा थाना पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। इस तरह के मामले सामने आने के बाद भूमि,संपत्ति विवाद रजिस्टर में इसका ब्यौरा दर्ज किया जाए। बीट आरक्षी अपने क्षेत्र में भ्रमण कर इस तरह की जानकारी जुटाएं,इसके साथ ही इस पर विशेष ध्यान दें। किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तत्काल अपने आला अधिकारी को जानकारी दें। प्रॉपर्टी डीलर का हो सत्यापन भूमि संबंधी विवाद बढ़ने के बाद अब प्रॉपर्टी डीलर का सत्यापन किया जाएगा। जिसमें कंपनी का नाम,मोबाइल नंबर, पता। दूसरे कॉलम में मालिक का नाम,मोबाइल नंबर पता,तीसरे कॉलम में एजेंट का नाम मोबाइल नंबर और पता होगा। इसके अलावा चौथे कॉलम में आपराधिक अगर कोई इतिहास है तो वह दर्ज किया जाएगा। सत्यापन रजिस्टर में थाना क्षेत्र में पढ़ने वाले सभी सभी कंपनी,प्रोपर्टी डीलर,उनके कार्यालय, प्रचार प्रसार का तरीका एवं खरीद फरोख्त के संबंध में जानकारी लिखी जाएगी। हथियारों की देनी होगी जानकारी सत्यापन रजिस्टर में प्रॉपर्टी डीलर या एजेंट्स को अपने पास मौजूद लाइसेंसी हथियार है या नहीं इसकी जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही सभी प्रॉपर्टी डीलर की थाना पर बैठक कर उनसे प्रचलित विवाद की जानकारी की जाएगी। जारी किए गए आदेश में यह भी कहा गया है कि थाना दिवस,तहसील दिवस में संयुक्त टीम बनकर चिन्हित प्रकरण का यथा सम्भव समाधान किया जाए। अगर कोई प्रॉपर्टी डीलर बिना अनुमति के प्लॉटिंग कर रहा है तो उसकी जानकारी पुलिस अब नगर निगम या विकास प्राधिकरण को देगी। आपराधिक इतिहास वाले एजेंट्स को प्रॉपर्टी डीलर नहीं रखेंगे। अगर ऐसा करते हैं तो वह जान बूझकर इस तरह की गतिविधि में शामिल हैं।
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